BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
21 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से आगे) के दौरान बालकों के मानसिक विकास में प्रकट होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक चरण की सबसे मौलिक और वैज्ञानिक विशेषता का सटीक निरूपण करता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11 वर्ष की आयु से शुरू होती है। इस अवस्था की सबसे बड़ी विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' का उदय है। इस चरण में किशोर केवल मूर्त या प्रत्यक्ष तथ्यों पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि वे अमूर्त समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक पद्धति की तरह विभिन्न परिकल्पनाएँ बनाते हैं, उनका परीक्षण करते हैं और तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचते हैं। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ शिक्षण विधियों (Teaching Methods) के चयन और उनके क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक बाधाओं के निराकरण के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का उपयोग करते समय, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित मूल क्रियात्मक अनुसंधान चक्र (Action Research Cycle) के विभिन्न चरणों—योजना बनाना (Planning), कार्य करना (Acting), अवलोकन करना (Observing), और चिंतन/विचार-विमर्श करना (Reflecting)—का तात्विक और वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रक्रिया के शैक्षणिक निहितार्थ को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego)—तथा उनके मध्य संचालन करने वाले मानसिक तंत्रों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों घटकों के तात्विक, गत्यात्मक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → भाषा विकास का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया था? → शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने और कक्षागत व्यावहारिक समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान ढूँढने के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का उपयोग किया जाता है। जब एक शिक्षक पारंपरिक व्याख्यान विधि के स्थान पर 'अन्वेषण विधि' (Discovery Method) या 'परियोजना विधि' (Project Method) को अपनी कक्षा में लागू करता है और इसके परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए क्रियात्मक अनुसंधान के चक्र (योजना, क्रियान्वयन, प्रेक्षण, और परावर्तन) का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी दार्शनिक और व्यावहारिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Trend)—विशेष रूप से 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियों—तथा 'विकास की एकरूपता' और 'एकीकरण के सिद्धांत' (Principle of Integration) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक अपने शरीर के अंगों पर नियंत्रण स्थापित करने से पहले संपूर्ण शरीर की अनियंत्रित गतियां करता है और तत्पश्चात विशिष्ट अंगों व मांसपेशियों का एकीकृत उपयोग सीखता है, तो बाल विकास के इन मौलिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.