BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
16 views

बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) का प्रतिपादन करने वाले मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं या मानसिक क्षमताओं को कितने स्वतंत्र आयामों या विमाओं (Dimensions) के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है?

Detailed Explanation

जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत या 'बुद्धि संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) प्रतिपादित किया था। इस सिद्धांत के अनुसार, सभी मानसिक क्षमताएँ तीन स्वतंत्र आयामों या विमाओं के अंतर्संबंधों का परिणाम होती हैं: 1. संक्रियाएँ (Operations - हम क्या करते हैं), 2. विषय-वस्तु (Contents - हम किस पर सोचते हैं), और 3. उत्पाद (Products - हमारी सोच के परिणाम)। मूल रूप से इस मॉडल में 5 × 4 × 6 = 120 कोष्ठक या बौद्धिक योग्यताएँ बताई गई थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 150 और 180 कर दिया गया। इस मॉडल के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
Share:

Related Questions

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में विकसित होने वाले प्रमुख तार्किक संप्रत्ययों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के वास्तविक तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का विश्लेषण करते समय, 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) के अतिरिक्त जब कोई शिक्षार्थी गणितीय प्रतीकों को समझने, संख्याओं के स्थानिक विन्यास (Spatial arrangement) को व्यवस्थित करने और मौखिक या लिखित समस्याओं को संख्यात्मक समीकरणों में बदलने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इस विशिष्ट अधिगम विकार को किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है और इसके लिए उत्तरदायी मुख्य तात्विक कारण क्या है? कोहलबर्ग के अनुसार, 'नैतिक विकास' (Moral Development) का अंतिम चरण क्या है? बाल विकास के सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की अनवरतता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) तथा 'विकास की व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक का शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक विकास गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत एक विशिष्ट क्रम में निरंतर आगे बढ़ता है, परंतु प्रत्येक बालक में इस विकास की गति और प्रतिमान में भिन्नता पाई जाती है, तो इन दोनों सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंध और व्यापक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के दार्शनिक प्रणेता जॉन डीवी के 'लर्निंग बाय डूइंग' (करके सीखना) और 'अनुभवात्मक शिक्षा' (Experiential Education) के सिद्धांतों का तात्विक विश्लेषण करने पर, एक वास्तविक प्रगतिशील कक्षा-कक्ष की संरचना और उसकी शैक्षणिक गतिकी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.