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History of India
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सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की हत्या किस मुगल सम्राट के आदेश पर की गई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
औरंगजेब ने 1675 ई. में उन्हें मृत्युदंड दिया था।
Related Questions
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के मध्य सैन्य समन्वय तथा उनके अंतिम अभियानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज़ द्वारा झांसी की घेराबंदी किए जाने पर, रानी लक्ष्मीबाई ने कालपी से आए तात्या टोपे की सेना के साथ मिलकर 'बेतवा के युद्ध' में ह्यूरोज़ की सेना का डटकर मुकाबला किया था, किंतु तात्या टोपे की पराजय के कारण रानी को अंततः झांसी के पतन के बाद कालपी की ओर प्रस्थान करना पड़ा।
2. कालपी में अंग्रेजों से पराजित होने के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर कूच किया, जहाँ सिंधिया शासक जयाजीराव सिंधिया के अंग्रेजों के प्रति निष्ठावान रहने के बावजूद उनकी सेना ने विद्रोहियों का साथ दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने ग्वालियर के दुर्जय किले पर अधिकार कर लिया।
3. ग्वालियर पर अधिकार करने के बाद तात्या टोपे ने तत्काल ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए ग्वालियर के किले के भीतर ही मोर्चाबंदी कर ली, जबकि रानी लक्ष्मीबाई ने बाहर खुले मैदान में ब्रिटिश सेना का नेतृत्व करने वाले जनरल ह्यूरोज़ की सेना पर सीधा आक्रमण किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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दिल्ली के "लाल किले" और "जामा मस्जिद" का निर्माण किसने करवाया था?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और असहयोग आंदोलन (1920-22) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी ने बिहार के चंपारण का दौरा किया था, जहाँ यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया पद्धति' के अंतर्गत भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था।
2. चंपारण जाँच समिति के एक सदस्य के रूप में महात्मा गांधी ने स्वयं ब्रिटिश सरकार के समक्ष यह तर्क दिया था कि बागान मालिकों द्वारा किसानों से वसूले गए अवैध धन का 50 प्रतिशत हिस्सा तत्काल वापस किया जाना चाहिए।
3. असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर बल दिया था, तथा इसी आंदोलन के दौरान वकीलों ने अदालतों का त्याग किया और छात्रों ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को छोड़ दिया था।
4. चंपारण सत्याग्रह की अपार सफलता के बाद गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी को पहली बार 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था, जो गांधीजी के जन-आंदोलनों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान झाँसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे के सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में सर ह्यू रोज़ के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना द्वारा झाँसी की घेराबंदी किए जाने के बाद, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ किले की रक्षा की और अंततः कालपी की ओर प्रस्थान किया, जहाँ उन्होंने तात्या टोपे के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया था।
2. कालपी के पतन के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने सिंधिया राजवंश के नियंत्रण वाले ग्वालियर पर आक्रमण किया, जहाँ ग्वालियर के शासक जयाजीराव सिंधिया ने अंग्रेजों का साथ छोड़ दिया और अपनी संपूर्ण सेना रानी लक्ष्मीबाई के अधीन कर दी।
3. ग्वालियर पर अधिकार करने के बाद रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने वहाँ एक सुदृढ़ रक्षात्मक पंक्ति का निर्माण किया, किंतु जून 1858 में कोट की सराय के युद्ध में ब्रिटिश सेना से लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं।
4. ग्वालियर के पतन के पश्चात तात्या टोपे ने मध्य भारत और राजस्थान के जंगलों में सफल गोरिल्ला (छापामार) युद्ध का संचालन किया, और लगभग एक वर्ष तक अंग्रेजों को छकाने के बाद उनके एक विश्वासघाती जमींदार मित्र मानसिंह द्वारा धोखा दिए जाने के कारण उन्हें पकड़ लिया गया और फांसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मध्यकालीन भारत के सूफी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चिश्ती सिलसिला संगीत (समां) और स्थानीय लोक भाषाओं के प्रयोग के प्रति अत्यधिक उदार था, तथा इस सिलसिले के संतों ने राजकीय संरक्षण, जागीर और शाही अनुदान स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से त्याग किया था।
2. सुहरावर्दी सिलसिला राजनीतिक मामलों में पूर्णतः तटस्थता की नीति अपनाता था और वह राज्य के संरक्षण, शाही पदों तथा धन-संपत्ति को स्वीकार करने में विश्वास नहीं रखता था।
3. नक्शबंदी सिलसिला भारत में सबसे अधिक रूढ़िवादी और कट्टर सिलसिला माना जाता था, जिसने अकबर की उदार धार्मिक नीतियों और 'दीन-ए-इलाही' का कड़ा विरोध किया था तथा शेख अहमद सरहिंदी ने इस दिशा में प्रमुख वैचारिक भूमिका निभाई थी।
4. कादिरिया सिलसिला के संतों ने शाहजहां के काल में दरबार में विशेष प्रभाव प्राप्त किया, और इसी सिलसिले के राजकुमार दारा शिकोह ने सूफी मत और उपनिषदों के दार्शनिक सामंजस्य पर विशेष बल दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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