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अधिगम (Learning) के क्लासिकल अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory) और क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, इवान पावलव (Ivan Pavlov) के उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) अधिगम और बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के प्रतिक्रिया-उद्दीपक (R-S) अनुबंधन के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे मौलिक वैज्ञानिक अंतर स्थापित होता है?

Detailed Explanation

इवान पावलव के क्लासिकल अनुबंधन (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के सिद्धांतों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि पावलव का प्रतिमान S-R (Stimulus-Response) प्रकार का है, जहाँ अनैच्छिक अनुक्रियाएं (जैसे पावलव के कुत्ते द्वारा भोजन देखकर लार टपकाना) एक पूर्व-निर्धारित उद्दीपक द्वारा उत्पन्न होती हैं। इसके विपरीत, स्किनर का प्रतिमान R-S (Response-Stimulus) या ऑपरेंट प्रकार का है, जिसमें जीव अपने पर्यावरण में स्वैच्छिक क्रियाएं (Operants) करता है और उसके परिणाम (पुनर्बलन या दंड) उसके भविष्य के व्यवहार को निर्धारित करते हैं। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ पर अधिगम के सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अधिगम सिद्धांतों के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) तंत्र और पुनर्बलन की प्रकृति के बीच के वास्तविक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है? मानव विकास के संदर्भ में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की अंतःक्रिया के प्रभावों का गहन विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से सही है? अधिगम की अवस्थाओं (Stages of Learning) के प्रतिपादक कौन हैं? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) प्रणाली का मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं (जैसे श्रवणबाधा, दृष्टिबाधा, या अधिगम अक्षमता) वाले बालकों को सामान्य कक्षा-कक्ष में समान अवसर प्रदान करना है। इस संदर्भ में UDL के तीन प्रमुख स्नायु-वैज्ञानिक (Neuro-Aesthetic/Cognitive) सिद्धांतों—'प्रतिनिधित्व के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—का सबसे सटीक शैक्षिक निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है? प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-Centric Pedagogy) के तात्विक, दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय जॉन डेवी के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत को आधार बनाते हुए पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित, पाठ्यपुस्तक-आधारित और कठोर कक्षा-कक्ष परिवेश को पूरी तरह नकार देता है, तथा इसके स्थान पर विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं, अनुभवों और सहयोगात्मक समस्या-समाधान (Collaborative Problem Solving) को अधिगम की धुरी बनाता है, तो इस आधुनिक शैक्षिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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