त्वरित लिंक्स
Child Development
14 views
गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के 'व्यक्तिगत शील गुणों के सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के अंतर्गत शील गुणों के वर्गीकरण—कार्डिनल शील गुण (Cardinal Traits), केंद्रीय शील गुण (Central Traits), और द्वितीयक शील गुण (Secondary Traits)—का गहन मनोवैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, 'कार्डिनल शील गुण' की ऐसी कौन-सी विशिष्ट तात्विक एवं व्यवहारिक विशेषता है जो इसे अन्य दोनों प्रकार के शील गुणों से पूर्णतः अलग और अद्वितीय बनाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गॉर्डन ऑलपोर्ट ने अपने शील गुण सिद्धांत में व्यक्तित्व के लक्षणों को तीन श्रेणियों में बांटा है। 'कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits) इतने प्रबल और सर्वव्यापी होते हैं कि व्यक्ति के जीवन का लगभग प्रत्येक कृत्य और निर्णय उन्हीं से प्रभावित होता है। ये इतने दुर्लभ होते हैं कि अधिकांश लोगों में नहीं पाए जाते, बल्कि ऐतिहासिक या असाधारण व्यक्तित्वों जैसे महात्मा गांधी या हिटलर में स्पष्ट रूप से दिखते हैं। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
विकास को प्रभावित करने वाले वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) के बीच की अंतःक्रिया के संबंध में, रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) और एन एनास्टासी (Anne Anastasi) के दृष्टिकोण से निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक तार्किक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एक शिक्षक छात्रों को नियत कार्यभार आवंटित करता है जो 4 के समूह में किया जाना चाहिए। उपरोक्त कथन में किस प्रकार के अधिगम पर प्रकाश डाला गया है?
→
गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के 'शीलगुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के अंतर्गत व्यक्तित्व के शीलगुणों का वर्गीकरण करते समय, उन शीलगुणों को क्या कहा जाता है जो व्यक्ति के जीवन में इतने अधिक व्यापक, केंद्रीय औरDominant होते हैं कि व्यक्ति के संपूर्ण व्यवहार, जीवन दर्शन और कार्यों की पहचान लगभग उसी विशिष्ट नाम से होने लगती है (जैसे- मैकियावेलियन, गांधीवादी या हिटलरशाही प्रवृत्ति), और ऐसे गुण विरले ही व्यक्तियों में पाए जाते हैं?
→
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा 'सुलतान' नामक चिंपैंजी पर किए गए प्रयोगों और गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के सिद्धांतों के आलोक में, सूझ (Insight) आधारित अधिगम की तात्विक एवं संज्ञानात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की मूल प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दो भिन्न किंतु परस्पर पूरक अवधारणाएँ हैं। यदि एक शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर फीडबैक प्राप्त करने और शिक्षण रणनीतियों में सुधार करने के लिए नैदानिक परीक्षणों और फॉर्मेटिव टूल्स का उपयोग करता है, और सत्र के अंत में उनके समग्र निष्पादन व योग्यता के आधार पर ग्रेड या प्रमाण-पत्र प्रदान करता है, तो इन दोनों प्रक्रियाओं की प्रकृति और उनके बीच के मूलभूत अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं विश्लेषणात्मक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.