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History of India
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मुगल काल में जिले को किस नाम से जाना जाता था?
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Detailed Explanation
जिले को मुगल काल में सरकार कहा जाता था।
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तुगलक कालीन इमारतों की मुख्य विशेषता क्या थी?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका तथा उनके रणनीतिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व संभाला और ब्रिटिश रेजीडेंसी की घेराबंदी के दौरान सैन्य संचालन का प्रभावी निर्देशन किया।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद का डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेनापति हेनरी लॉरेंस को पराजित करने में प्रमुख सैन्य भूमिका निभाई।
3. लखनऊ के पतन के उपरांत बेगम हजरत महल ने आत्मसमर्पण कर दिया और ब्रिटिश सरकार से पेंशन स्वीकार कर कलकात्ता में निवास करने लगीं, जबकि अहमदुल्लाह शाह रोहिलखंड और नेपाल की तराई में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार युद्ध जारी रखते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
4. ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम ने अंततः गोरखा रेजिमेंट और अन्य सैन्य टुकड़ियों की सहायता से मार्च 1858 में लखनऊ पर पुनः पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक, संस्थागत तथा वैचारिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित कर 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक शुरुआत की गई और 'बायकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पास किया गया।
2. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय आंदोलन में 'आत्मशक्ति' (आत्मकेंद्रित आत्मनिर्भरता) के विचार को बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत तंजौर के राष्ट्रीय कॉलेज, बंगाल नेशनल कॉलेज और विभिन्न राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना की गई तथा शिक्षा के राष्ट्रीयकरण पर जोर दिया गया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रफुल्ल चन्द्र राय के नेतृत्व में 'बंगाल कैमिकल एंड फार्मास्युटिकल्स' जैसी स्वदेशी औद्योगिक और रासायनिक इकाइयों की स्थापना की गई, जिसने देशी उद्योगों को एक नया संबल प्रदान किया।
4. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के वैचारिक दायरे में केवल विदेशी वस्त्रों और वस्तुओं का बहिष्कार ही शामिल नहीं था, बल्कि इसके साथ ही सरकारी स्कूलों, अदालतों, उपाधियों और सरकारी नौकरियों का पूर्ण बहिष्कार करने का भी प्रस्ताव था, जिस पर नरम दल और गरम दल के नेताओं के बीच कभी कोई मतभेद उत्पन्न नहीं हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वैदिक साहित्य और दर्शन के संदर्भ में, 'आरण्यक', 'उपनिषद' तथा वैदिक काल की दार्शनिक प्रवृत्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरण्यकों को 'रहस्यमय पुस्तकें' (Mystery Books) भी कहा जाता है, जिनकी रचना मुख्य रूप से जंगलों में एकांत वास करने वाले संन्यासियों और मुनियों के लिए की गई थी, और ये यज्ञों के बाह्य कर्मकांडों के स्थान पर उनके दार्शनिक तथा रहस्यवादी अर्थों की व्याख्या करते हैं।
2. उपनिषदों को 'वेदांत' भी कहा जाता है, क्योंकि ये वैदिक साहित्य के अंतिम भाग हैं और इनमें मुख्य रूप से बहुदेववाद तथा कर्मकांडीय अनुष्ठानों का समर्थन किया गया है, जबकि आत्मा (आत्मन्) और ब्रह्मांडीय चेतना (ब्रह्मन्) के बीच की एकता को नकारा गया है।
3. ऋग्वेद में उल्लिखित 'नासदि सूक्त' (दसवें मंडल का प्रसिद्ध सूक्त) सृष्टि की उत्पत्ति के रहस्य और ब्रह्मांड के सृजन से जुड़े दार्शनिक एवं अज्ञेयवादी (Agnostic) विचारों को प्रस्तुत करता है, जो यह प्रश्न उठाता है कि वास्तव में इस सृष्टि को किसने उत्पन्न किया।
4. वैदिक दर्शन के 'षड्दर्शन' (छह आस्तिक दर्शन) में से 'सांख्य दर्शन' के प्रस्तोता महर्षि कपिल थे, जो प्रकृति और पुरुष के द्वैत सिद्धांत पर आधारित है और पूरी तरह से ईश्वर के अस्तित्व को अनिवार्य नहीं मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा पुरानी 'ब्राउन बेस' बंदूक के स्थान पर 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूस के आवरण को मुंह से काटना पड़ता था और इसमें गाय तथा सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
2. बैरकपुर छावनी के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बीयुक्त कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध प्रत्यक्ष विरोध जताते हुए ब्रिटिश एडजुटेंट लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया, जिसके उपरांत उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
3. चर्बी वाले कारतूस की इस घटना के तुरंत बाद ब्रिटिश सरकार ने बिना किसी देरी के एनफील्ड राइफल्स का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया और पुरानी ब्राउन बेस बंदूकों को संपूर्ण भारतीय सेना में वापस बहाल कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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