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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और आधुनिक शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, विद्यालय आधारित मूल्यांकन (School-Based Assessment) तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के क्रियान्वयन में 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment), 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के तात्विक और व्यावहारिक अंतरों का गहन विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के स्वरूप का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) अर्थात् रचनात्मक आकलन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर चलता रहता है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की कमियों को जानकर उनमें सुधार करना है। इसके विपरीत, योगात्मक मूल्यांकन मुख्य रूप से एक निश्चित अवधि के अंत में 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) करने के लिए प्रयुक्त होता है। शिक्षाशास्त्र में सतत मूल्यांकन की इस व्यापक संकल्पना को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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