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History of India
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तानसेन किसके दरबार के संगीतज्ञ थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
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ताजमहल किसकी याद में बना?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म की दार्शनिक मान्यताओं और उनके संस्थागत विकास के निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के मध्यम प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग) और जैन धर्म के स्याद्वाद (अनेकांतवाद) दोनों ने ही वेदों की प्रामाणिकता और वैदिक यज्ञों की अनिवार्यता को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया था, हालांकि दोनों ने कठोर तपस्या की मात्रा में अंतर रखा।
2. जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए शरीर का अंत करना या संथारा (संलेखना) पद्धति द्वारा प्राण त्यागना एक स्वीकृत विधि रही है, जबकि बौद्ध धर्म में अतिवादी कायाक्लेश या कठोर आत्म-पीड़न (शरीर को कष्ट देना) का पूर्ण निषेध किया गया है।
3. बौद्ध संघ की सदस्यता के लिए वर्ण व्यवस्था या जाति का कोई बंधन नहीं था, और संघ में प्रवेश के उपरांत सभी भिक्षु संघ के अनुशासन के अधीन हो जाते थे, जबकि जैन संघ में प्रारंभिक काल से ही केवल क्षत्रिय वर्ण के पुरुषों और महिलाओं को ही दीक्षा प्राप्त करने का अधिकार था।
4. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी ने चातुर्याम धर्म (जो पार्श्वनाथ द्वारा प्रतिपादित था) में 'ब्रह्मचर्य' नामक पाँचवें महाव्रत को जोड़ा था, तथा बौद्ध धर्म के प्रथम तीन बौद्ध संगीतियों के दौरान हीनयान और महायान संप्रदायों का औपचारिक विभाजन हो चुका था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों तथा अन्य कारणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विद्रोहियों के पास न तो कोई केंद्रीयकृत उच्च कमान (Centralized High Command) था और न ही कोई सुनियोजित अखिल भारतीय राजनीतिक व सैन्य रणनीति; विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ताओं ने मुख्य रूप से अपने स्थानीय और क्षेत्रीय हितों व अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
2. ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक संचार साधनों जैसे टेलीग्राफ और तीव्र रेल परिवहन का निर्णायक लाभ था, जबकि विद्रोहियों के पास सैनिक अनुशासन, आधुनिक हथियारों और गुप्त सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था का पूर्ण अभाव था।
3. भारत के अधिकांश बड़े देसी रियासतें (जैसे हैदराबाद, ग्वालियर, इंदौर और भोपाल के शासक) तथा शिक्षित मध्यम वर्ग व व्यापारी वर्ग या तो तटस्थ रहे या उन्होंने अंग्रेजों का सक्रिय रूप से समर्थन किया, जिससे विद्रोह अखिल भारतीय जन-आंदोलन का रूप नहीं ले सका।
4. मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा भारत का सम्राट घोषित किए जाने के बाद उनके पास विशाल सैन्य संसाधन और अत्याधुनिक तोपखाने उपलब्ध थे, जिनकी सहायता से उन्होंने अंग्रेजों को दिल्ली से खदेड़ दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों—विशेषकर पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा—में हुए घटनाक्रमों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए ऐतिहासिक जन-विद्रोह का नेतृत्व एक प्रसिद्ध पुस्तक विक्रेता पीर अली खाँ ने किया था, जिनके नेतृत्व में हुए इस संघर्ष के दौरान अफीम के एक ब्रिटिश अधिकारी डॉ. लॉयल की हत्या कर दी गई थी।
2. दानापुर छावनी (Danapur Cantonment) के 7वीं, 8वीं और 40वीं देशी पैदल सेना के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और वे सोन नदी पार करके सीधे शाहाबाद जिले में प्रवेश कर गए थे, जहाँ उन्होंने बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व को स्वीकार किया था।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा क्षेत्र में विद्रोह के दौरान यूरोपीय अधिकारियों को स्थानीय जनता और विद्रोही सैनिकों के भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था, तथा छपरा (सारण) में मोहम्मद हुसैन खान के नेतृत्व में स्थानीय विद्रोही सैनिकों ने ब्रिटिश सत्ता को खुली चुनौती दी थी।
4. आरा (शाहाबाद) में बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के तुरंत बाद उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को समाप्त करते हुए ब्रिटिश सत्ता के समक्ष पूर्ण समर्पण कर दिया था और कभीजंग जारी नहीं रखी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब कांग्रेस के अधिकांश शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, तब उषा मेहता ने गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' का संचालन किया, जिसके माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के संदेशों का प्रसारण किया जाता था।
2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Ar-Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की और इस सरकार को जापान, जर्मनी और इटली सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई थी।
3. आज़ाद हिंद फौज (INA) के भीतर गठित 'सुभाष ब्रिगेड', 'गांधी ब्रिगेड' और 'नेहरू ब्रिगेड' के अतिरिक्त महिलाओं की एक विशेष रेजिमेंट का गठन किया गया था, जिसका नाम 'झांसी की रानी रेजिमेंट' रखा गया था और इसका नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने किया था।
4. वर्ष 1945 के लाल किले के ऐतिहासिक मुकदमों (Red Fort Trials) के दौरान आज़ाद हिंद फौज के अभियुक्त अधिकारियों की कानूनी पैरवी के लिए गठित बचाव पक्ष समिति (Defense Committee) के प्रमुख वकील भूलाभाई देसाई थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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