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History of India
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तानसेन किसके दरबार के संगीतज्ञ थे?

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वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
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भक्ति और सूफी आंदोलन के दार्शनिक पक्षों और उनके प्रमुख संतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामानुजचार्य ने 'विशिष्टाद्वैतवाद' के दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार जीवात्मा और परमात्मा भिन्न होते हुए भी अंततः उसी प्रकार अभिन्न हैं जैसे किरण और सूर्य, तथा मोक्ष का मार्ग केवल 'प्रपत्ति' (पूर्ण समर्पण) और भक्ति के माध्यम से ही संभव है। 2. सूफी मत के 'चिश्ती सिलसिले' की स्थापना भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा की गई थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य की राजनीतिक सत्ता और शाही दरबारों से कठोर दूरी बनाए रखने के साथ-साथ संगीत (समां) को ईश्वर-प्राप्ति का साधन माना। 3. शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' के विपरीत, मध्वाचार्य ने 'द्वैतवाद' का सिद्धांत प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार ईश्वर (विष्णु), जीव और प्रकृति पूर्णतः पृथक् और स्वतंत्र सत्य हैं, तथा जीवात्मा कभी भी ईश्वर में पूरी तरह विलीन नहीं हो सकती। 4. कबीर और नानक जैसे निर्गुण संत संप्रदाय ने मूर्तिपूजा, बाह्य आडंबरों, जाति व्यवस्था और संप्रदायवाद का कड़ा विरोध करते हुए एक निराकार, सर्वव्यापी और अनाम ईश्वर की उपासना पर बल दिया, और उन्होंने अपने उपदेशों के लिए संस्कृत के स्थान पर फारसी भाषा को माध्यम बनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल काल के प्रसिद्ध चित्रकार "दशवंत" और "बसावन" किसके दरबार में थे? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सूरत विभाजन (1907) और उसके पश्चात उत्पन्न राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूरत अधिवेशन में गरम दल के नेता लोकमान्य तिलक को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जबकि नरम दल के नेता रास बिहारी घोष को इस पद पर आसीन करने के पक्ष में थे। 2. सूरत विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने उग्रवादी राष्ट्रवादी नेतृत्व के विरुद्ध अत्यंत दमनकारी नीतियां अपनाईं, जिसके तहत वर्ष 1908 में लोकमान्य तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर छह वर्ष के कारावास के लिए मांडले (बर्मा) भेज दिया गया। 3. कांग्रेस के सूरत विभाजन के तुरंत बाद वर्ष 1908 के मद्रास अधिवेशन में नरमपंथियों ने कांग्रेस के संविधान में एक नया संशोधन किया, जिसके तहत कांग्रेस की सदस्यता के लिए ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति निष्ठा की शपथ को अनिवार्य बना दिया गया, ताकि उग्रवादियों के प्रवेश को पूरी तरह रोका जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्थाई बंदोबस्त (Permanent Settlement) के अंतर्गत बंगाल, बिहार और उड़ीसा में जमींदारों को भूमि का स्थाई मालिक बना दिया गया, जिससे पारंपरिक किसानों की स्थिति मात्र किरायेदारों (Tenants) तक सिमट कर रह गई और राजस्व की मांग हमेशा के लिए निश्चित कर दी गई। 2. रयतवारी व्यवस्था (Ryotwari System) के तहत मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में भू-राजस्व के निर्धारण के लिए सरकार और प्रत्येक व्यक्तिगत कृषक (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें बीच के किसी भी बिचौलिए (जमींदार) को मान्यता नहीं दी गई थी और इसमें लगान की दरें समय-समय पर संशोधित की जाती थीं। 3. महालवारी व्यवस्था (Mahalwari System) के उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के क्षेत्रों में लागू की गई, जिसके अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके संपूर्ण ग्राम या ग्राम समुदाय (महाल) के स्तर पर किया जाता था, और इसके भुगतान के लिए सामूहिक रूप से पूरा गाँव उत्तरदायी होता था। 4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों में से ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े भू-भाग पर 'स्थाई बंदोबस्त' लागू किया गया था, जबकि रयतवारी व्यवस्था का विस्तार सबसे कम क्षेत्रफल पर था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पश्चिमी और पूर्वी भारत में अपनी सत्ता के सुदृढ़ीकरण तथा मुंबई (बॉम्बे) और कलकत्ता की स्थापना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंबई (वर्तमान मुंबई) को वर्ष 1668 में ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय ने पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से विवाह में मिले दहेज के रूप में प्राप्त किया था, जिसे बाद में सम्राट ने मात्र दस पाउंड वार्षिक किराए पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया था। 2. जॉब चरनाक ने बंगाल में हुगली के स्थान पर सुतानुती, कलिकाता और गोविंदपुर नामक तीन गाँवों की जमींदारी प्राप्त कर आधुनिक कलकत्ता (कोलकाता) शहर की नींव रखी थी, जिसके चारों तरफ निर्मित फोर्ट विलियम किले की प्रथम प्रेसिडेंसी के रूप में स्थापना की गई थी। 3. वर्ष 1686 में ब्रिटिश कंपनी ने मुगल सम्राट औरंगजेब की नीतियों के विरुद्ध जाकर हुगली शहर पर बलपूर्वक अधिकार करने का असफल प्रयास किया था, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी के तत्कालीन गवर्नर सर जॉन चाइल्ड को मुगल बंदरगाहों की घेराबंदी करने के दुसाहस के कारण भारत से निष्कासित किए जाने का आदेश झेलना पड़ा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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