त्वरित लिंक्स
Child Development
11 views
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन तथा नि:शक्तजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act, 2016) के वैधानिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशी शिक्षा की वास्तविक प्रकृति और उसकी कक्षा-कक्षीय रणनीतियों को सबसे अधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल दर्शन यह है कि शिक्षा प्रणाली और विद्यालयी वातावरण को प्रत्येक बालक की विविध आवश्यकताओं के अनुसार लचीला और सुगम बनाया जाना चाहिए, न कि बच्चों को rigid (कठोर) व्यवस्था के अनुसार बदलना पड़े। इसके लिए 'सार्वभौमिक अभिकल्प' (Universal Design for Learning - UDL) और 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) जैसी आधुनिक शैक्षणिक रणनीतियों का प्रयोग किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'निजी वाक्' (Private Speech) और 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वाइगोत्स्की के इस विचार की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है कि बच्चे किस प्रकार भाषा का उपयोग अपने संज्ञानात्मक विकास को निर्देशित करने के लिए करते हैं?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'विकास के सिद्धांतों' (Principles of Development) का गहन विश्लेषण करने पर, 'समीप-दूराभिमुख विकास का नियम' (Proximodistal Trend) और 'मस्तकोधोमुखी विकास का क्रम' (Cephalocaudal Trend) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दिशात्मक पैटर्नों के वास्तविक शारीरिक एवं तंत्रिका-वैज्ञानिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से वयस्कता) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड ने अपने मॉडल में संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के वर्गीकरण को प्रस्तुत किया है। यदि इस सिद्धांत के अंतर्गत 'संक्रिया' (Operations) आयाम का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए, तो गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित पाँच संक्रियात्मक श्रेणियों—मूल्यांकन, अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking), अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), स्मृति और संज्ञान—में से 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) और 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) का तात्विक स्वरूप मानसिक क्षमताओं के किस विशिष्ट संज्ञानात्मक प्रक्रम को सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित करता है?
→
अधिगम के प्राचीन अनुबंधन सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के मध्य अंतर्निहित तात्विक भिन्नता का अध्ययन करने पर, कौन-सा विकल्प इन सिद्धांतों में उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) की भूमिका व उनके मध्य की गतिकी को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.