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History of India
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ताजमहल किसकी याद में बना?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अपनी बेगम मुमताज की याद में।
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सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन, उनकी प्राथमिक बस्तियों की स्थापना और पुर्तगाली-ब्रिटिश सत्ता के संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत आने वाली पहली यूरोपीय कंपनी पुर्तगाली थी, जिन्होंने वर्ष 1505 में फ्रांसिस्को डी अल्मेडा को भारत में अपना पहला गवर्नर नियुक्त किया और उसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) के तहत हिंद महासागर में पुर्तगाली प्रभुत्व स्थापित किया।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1612 में सूतसुती और कलकत्ता में अपनी पहली स्थायी कारखाने की स्थापना की थी, जिसे मुगल सम्राट जहांगीर से प्राप्त शाही फरमान के तहत विधिक मान्यता मिली थी।
3. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ और उसने अंग्रेजों के लिए सूरत सहित मुगल साम्राज्य के अन्य भागों में व्यापार करने और कारखाने स्थापित करने के विशेषाधिकार प्राप्त किए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन तक के कालखंड, नरम दल और गरम दल की नीतियों तथा महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के प्रारंभिक उदारवादी (नरम दल) नेताओं ने ब्रिटिश न्यायप्रियता में अटूट विश्वास रखते हुए 'संवैधानिक सुधारों' और 'औपनिवेशिक स्वराज' को क्रमिक तरीकों से प्राप्त करने का मार्ग अपनाया, तथा दादाभाई नौरोजी और आर.सी. दत्त जैसे नेताओं ने 'धन की निकासी' (Drain of Wealth) के सिद्धांत के माध्यम से ब्रिटिश आर्थिक शोषण को खुलकर उजागर किया।
2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उग्रवादी (गरम दल) नेताओं—बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष—ने इस आंदोलन को केवल बंगाल की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित रखने के बजाय पूरे देश में 'स्वदेशी', 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) और 'राष्ट्रीय शिक्षा' के रूप में व्यापक जन-आंदोलन के रूप में फैलाने पर बल दिया।
3. वर्ष 1907 के ऐतिहासिक सूरत अधिवेशन में गरम दल के नेता रास बिहारी घोष को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को लेकर नरम दल और गरम दल के बीच तीव्र मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस का पहला औपचारिक विभाजन हुआ और संगठन पर गरमपंथियों का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34), गोलमेज सम्मेलनों और गांधी-इरविन समझौते के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) में गांधी-इरविन समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया था तथा इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने 'मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' से संबंधित प्रस्ताव पारित किए थे।
2. वर्ष 1931 में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, जहाँ कम्यूनल अवार्ड (सांप्रदायिक पंचाट) के मुद्दे पर दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को लेकर उनका डॉ. बी.आर. अंबेडकर के साथ तीव्र मतभेद हुआ था।
3. प्रथम गोलमेज सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैकडोनाल्ड ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेट्स' (औपनिवेशिक स्वराज्य) की पूर्ण घोषणा कर दी थी, जिससे संतुष्ट होकर मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने इस सम्मेलन के सभी निर्णयों का पूर्ण समर्थन किया था।
4. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दूसरे चरण (1932-34) के दौरान जब गांधीजी ने आंदोलन पुनर्जीवित किया, तब ब्रिटिश सरकार ने दमन चक्र तेज करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक 'गैर-कानूनी संगठन' घोषित कर दिया था और इसके अधिकांश नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अहमदनगर के "निजामशाही वंश" का संस्थापक कौन था?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके उत्तराधिकारियों के सैन्य अभियानों और संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बाबू कुंवर सिंह ने आरा पर नियंत्रण स्थापित करने के पश्चात ब्रिटिश सेनापति विंसेंट आयर की सेना को बीबीगंज के समीप पराजित किया था और बाद में गंगा नदी पार कर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सफल सैन्य अभियान चलाते हुए लखनऊ और आजमगढ़ तक अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी थी।
2. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु (अप्रैल 1858) के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की बागडोर संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतास क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाकर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध एक लंबी और प्रभावी छापामार (गुएरिला) युद्ध शैली जारी रखी थी।
3. अमर सिंह ने कैमूर के जंगलों से अंग्रेजी सेना के संचार और रसद मार्गों को पूरी तरह बाधित कर दिया था तथा ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बार-बार भारी सैन्य अभियान भेजे जाने के बावजूद उन्होंने वर्ष 1858 के अंत तक ब्रिटिश प्रशासन को खुले मैदान में सीधी चुनौती देना जारी रखा था।
4. बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह के संपूर्ण परिवार को ब्रिटिश दमन चक्र के दौरान माफ कर दिया गया था और विद्रोह के शांत होने पर उनकी सभी जब्त जागीरें तथा रियासतें उन्हें ससम्मान वापस लौटा दी गई थीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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