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History of India
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हुमायूँ का मकबरा दिल्ली में किसने बनवाया?

Detailed Explanation

हुमायूँ की पत्नी हाजी बेगम ने बनवाया।
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मध्यकालीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'भक्ति और सूफी आंदोलन' की विभिन्न धाराओं, उनके दार्शनिक दृष्टिकोण और प्रमुख संतों के योगदान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत के भक्ति आंदोलन में आलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने तमिल भाषा को अपने उपदेशों का माध्यम बनाया और जाति व्यवस्था के कठोर बंधनों को चुनौती देते हुए बौद्ध व जैन दर्शन का कड़ा विरोध किया था। 2. उत्तर भारत में रामभक्ति शाखा के प्रमुख संत रामानंद ने जाति और वर्णभेद को दरकिनार करते हुए शूद्रों तथा महिलाओं को भी अपने शिष्यों के रूप में दीक्षित किया था, और उनके बारह प्रमुख शिष्यों में रैदास, कबीर और पीपा शामिल थे। 3. सूफी संतों का 'चिश्ती सिलसिला' संगीत और 'समां' के माध्यम से ईश्वर की आराधना में विश्वास रखता था, जबकि भारत में इस सिलसिले की स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में की थी, जिन्हें 'गरीब नवाज' के रूप में भी जाना जाता है। 4. सूफी संतों का 'सुहरावर्दी सिलसिला' राज्य के नियंत्रण और राजनीतिक सत्ता से पूर्ण अलगाव की नीति का कड़ाई से पालन करता था, जिसके तहत वे सुल्तानों के दरबार में जाने और उनसे मिलने वाले किसी भी प्रकार के जागीर या उपहार को पूर्णतः अस्वीकार कर देते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और उसके विरोध में उपजे 'स्वदेशी आंदोलन' के दौरान घटित निम्नलिखित प्रमुख घटनाओं तथा उनके प्रभावों के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं? 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था। 2. जिस दिन (16 अक्टूबर 1905) बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोकादिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव प्रभात फेरियां निकालीं और रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे के हाथों में राखी बांधकर सांप्रदायिक सद्भाव व अखंडता का प्रदर्शन किया तथा 'आमार सोनार बांग्ला' गीत गाया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (Constructive Programme) पर भी जोर दिया गया, जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके प्रथम प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष को नियुक्त किया गया था। 4. बंगाल विभाजन के विरोध में ब्रिटिश वस्तुओं और शिक्षा संस्थानों के बहिष्कार का यह आंदोलन केवल बंगाल तक ही सीमित रहा, क्योंकि देश के अन्य प्रांतों के नेताओं (जैसे पंजाब में लाला लाजपत राय और मद्रास में चिदंबरम पिलई) ने इसे राष्ट्रीय महत्व का आंदोलन मानने से इंकार कर दिया था। इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने औरंगजेब की किस नीति को साम्राज्य के पतन का उत्तरदायी माना है? यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक चरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (राजकीय अधिकार पत्र) के माध्यम से पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला, जो अनिश्चित काल के लिए वैध था और इसे किसी भी ब्रिटिश शासक द्वारा कभी भी रद्द नहीं किया जा सकता था। 2. वर्ष 1608 में कैप्टन विलियम हॉकिंस मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में राजा जेम्स प्रथम का पत्र लेकर सूरत पहुंचा, और हालांकि जहांगीर ने उसे आगरा में व्यापारिक कोठी स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी थी, किंतु पुर्तगालियों के तीव्र विरोध के कारण इस अनुमति को बाद में रद्द करना पड़ा था। 3. वर्ष 1612 में 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में ब्रिटिश कमांडर थॉमस बेस्ट ने पुर्तगाली नौसेना को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगल दरबार में अंग्रेजों का प्रभाव काफी बढ़ गया और जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी रूप से कारखाना स्थापित करने की शाही फरमान द्वारा अनुमति दे दी। 4. भारत के पूर्वी तट पर अंग्रेजों ने अपनी पहली व्यापारिक कोठी वर्ष 1611 में मसूलीपट्टनम में स्थापित की थी, जो कि गोलकुंडा सल्तनत के अंतर्गत स्थित था और यह बंदरगाह दक्षिण-पूर्व एशिया तथा मसालों के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मराठा साम्राज्य के प्रशासन, राजस्व व्यवस्था और शिवाजी के सैन्य संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में प्रत्येक मंत्री राजा के प्रति उत्तरदायी होता था और यह कोई नीति-निर्माता मंत्रिमंडल न होकर मंत्रियों का एक व्यक्तिगत सचिवीय (Secretariat) समूह था, जिसमें मंत्रियों के पद वंशानुगत नहीं होते थे। 2. 'चौथ' कर पड़ोसी गैर-मराठा क्षेत्रों से उनकी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बदले वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि 'सरदेशमुखी' शिवाजी द्वारा संपूर्ण महाराष्ट्र के वंशानुगत प्रधान मुखिया होने के दावे के आधार पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत वसूला जाता था। 3. शिवाजी की पैदल सेना (पगा) को दो प्रमुख श्रेणियों—'सिलहदार' और 'बरगीर'—में विभाजित किया गया था, जहाँ सिलहदारों को राज्य द्वारा घोड़े और अस्त्र-शस्त्र दिए जाते थे, जबकि बरगीर अपने स्वयं के हथियार लेकर युद्ध में सम्मिलित होते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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