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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बालकों द्वारा महारत हासिल किए जाने वाले मुख्य तार्किक संक्रियात्मक कौशलों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), 'क्रमीकरण' (Seriation), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—के संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'व्युत्क्रमणीयता' (Reversibility or Inversion) और 'पारस्परिकता' (Reciprocity) की संकल्पनाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक चरण की तार्किक संरचना को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 'व्युत्क्रमणीयता' (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का विकास है। इस अवस्था में बच्चा यह समझने लगता है कि यदि किसी वस्तु के रूप या आकार में परिवर्तन कर दिया जाए, तो उसे पुनः उसकी मूल स्थिति में लाया जा सकता है (जैसे पानी से बर्फ और बर्फ से पुनः पानी बनाना)। इसके अलावा, वह संरक्षण (Conservation) और क्रमीकरण के नियमों को समझने में सक्षम होता है, लेकिन उसका यह संपूर्ण तार्किक चिंतन केवल मूर्त (प्रत्यक्ष) वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित रहता है, अमूर्त विचारों तक नहीं। विकिपीडिया संदर्भ
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