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History of India
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जहाँगीर की मृत्यु कब हुई?
✓ Correct! Well done.
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Detailed Explanation
1627 में जहाँगीर की मृत्यु हुई।
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शिवाजी महाराज ने औरंगजेब के खिलाफ कौन सी नीति अपनाई?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश नीतियों में हुए संरचनात्मक परिवर्तनों तथा भारत सरकार अधिनियम 1858 और क्वीन विक्टोरिया की घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन विधिवत समाप्त कर दिया गया और भारत का प्रत्यक्ष नियंत्रण सीधे ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके तहत 'भारत के गवर्नर-जनरल' को 'वाइसराय' की अतिरिक्त उपाधि प्रदान की गई और लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वाइसराय बने।
2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा में भारतीय रियाسतों के भविष्य में विलय की नीति का पूर्ण परित्याग करने का आश्वासन दिया गया तथा भारतीय राजाओं के 'दत्तक पुत्र' लेने के अधिकारों को मान्यता प्रदान की गई।
3. घोषणा पत्र और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, भारत के राज्य सचिव (Secretary of State for India) और उसकी 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (India Council) का संपूर्ण वित्तीय व्यय और वेतन सीधे तौर पर ब्रिटेन के राजकोष (British Exchequer) से वहन किए जाने का प्रावधान किया गया, ताकि भारतीय राजस्व पर से वित्तीय बोझ कम किया जा सके।
4. इस अधिनियम और तदुपरांत हुए सैन्य पुनर्गठन (पील आयोग की सिफारिशों के आधार पर) के तहत सेना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया, तोपखाने पूरी तरह यूरोपीय नियंत्रण में रखे गए, और 'फूट डालो और राज करो' की नीति को सुदृढ़ करने के लिए रेजिमेंटों में विभिन्न जातियों और क्षेत्रों के सैनिकों का सम्मिश्रण किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक स्वरूप, आर्थिक सुधारों और विभिन्न राजवंशों (विशेषकर खिलजी और तुगलक काल) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी द्वारा प्रशासनिक नियंत्रण और मूल्य नियंत्रण को सख्ती से लागू करने के लिए बाज़ार नियंत्रण प्रणाली की स्थापना की गई थी, जिसके तहत खाद्यान्न, वस्त्र और दासों के क्रय-विक्रय के लिए क्रमशः 'शाहरुख-ए-मंडी', 'बराय-ए-अदल' और घोड़ों की खरीद-फरोख्त हेतु विशेष बाजार बनाए गए थे, तथा इन बाजारों के निरीक्षण के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की जाती थी।
2. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में कृषि विभाग के रूप में 'दीवान-ए-कोहकी' (या दीवान-ए-कोही) की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषकों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी ऋण या सौंधार) प्रदान करके बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना था, किंतु यह योजना अपने कुप्रबंधन और अकाल के कारण पूरी तरह असफल सिद्ध हुई।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में सबसे अधिक नहरों का जाल बिछाया तथा सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृषकों पर 'हर्ब-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) लगाया, जो कुल उपज का 1/10 भाग होता था, और साथ ही उसने फिरोजाबाद, हिसार और जौनपुर जैसे नए नगरों की स्थापना की।
4. दिल्ली सल्तनत के दौरान 'इक्ता प्रणाली' को प्रारंभ करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है, जिसके अंतर्गत सैन्य अधिकारियों और सैनिकों को वेतन के बदले भूमि का राजस्व क्षेत्र (इक्ता) आवंटित किया जाता था, किंतु फिरोजशाह तुगलक ने इस प्रणाली को आनुवंशिक (Hereditary) बना दिया जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में शिथिलता आ गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व करने वाली बेगम हजरत महल तथा 'डंका शाह' के नाम से प्रसिद्ध मौलवी अहमदुल्लाह शाह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी के खिलाफ ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया था।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने फैजाबाद और अवध क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया था और चिनहट के युद्ध में हेनरी लॉरेंस के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त दी थी।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा लखनऊ पर पुनः अधिकार करने के पश्चात बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और उन्हें पेंशन के साथ कोलकाता में रहने की अनुमति दे दी गई थी।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था, और अंततः पुवियाँ (पवैन) के एक स्थानीय जागीरदार के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों ने उनकी हत्या कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संबंध में विभिन्न ब्रिटिश अधिकारियों और इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध वक्तव्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह केवल एक सिपाही विद्रोह था, जो अनुशासनहीनता के कारण उत्पन्न हुआ था और इसका भारतीय समाज या जनता से कोई लेना-देना नहीं था।" — सर जॉन सीले
2. "यह स्वतंत्रता के लिए लड़ी गई सुनियोजित राष्ट्रीय लड़ाई थी, जिसे भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहा जा सकता है।" — वी. डी. सावरकर
3. "यह कोटि-कोटि जनता का विद्रोह था, जो बर्बरता और सभ्यता के बीच का युद्ध नहीं बल्कि धर्मान्धों का ईसाइयों के विरुद्ध एक क्रूर संघर्ष था।" — टी. आर. होम्स
4. "यह विद्रोह न तो राष्ट्रीय था, न ही लोकप्रिय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था, क्योंकि यह मूल रूप से सामंती प्रतिक्रिया का एक हताशा भरा प्रयास था।" — आर. सी. मजूमदार
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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