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Child Development
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अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के मध्य पाए जाने वाले न्यूरोलॉजिकल और कार्यात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों विकारों की सबसे सटीक और वैज्ञानिक विशेषता को रेखांकित करता है?

Detailed Explanation

डिसग्राफिया (Dysgraphia) एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है जो मुख्य रूप से व्यक्ति की लेखन क्षमता, वर्तनी की शुद्धता और हस्तलेखन को प्रभावित करती है, जिसका संबंध मस्तिष्क द्वारा दृश्य-स्थानिक और मोटर संकेतों के एकीकरण में बाधा से है। इसके विपरीत, डिसप्रैक्सिया (Dyspraxia) एक मोटर समन्वय विकार (motor coordination disorder) है जो शारीरिक गतिविधियों, संतुलन, और सूक्ष्म पेशीय कौशल (fine motor skills) जैसे जूते के फीते बांधना या पेंसिल को सही ढंग से पकड़ने को प्रभावित करता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बच्चा औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में प्रवेश करता है, तो उसकी सोच में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का विकास होता है। इस प्रकार के तार्किक चिंतन की सबसे प्रमुख विशेषता निम्नलिखित में से क्या है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के उन्मुखीकरण' (Authority and Social-Order Maintaining Orientation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करता है? पियाजे के अनुसार, 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास कब होता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रकट होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों क्षमताओं के मध्य पाए जाने वाले सैद्धांतिक और व्यावहारिक संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'स्कीमा' (Schema), 'आत्मसाततीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'संतुलनीकरण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, जब एक बालक अपने पूर्व-ज्ञान या स्कीमा में नई सूचना को बिना किसी परिवर्तन के जोड़ लेता है, परंतु जब नई सूचना पूर्व स्कीमा में फिट नहीं बैठती और वह अपने स्कीमा में संशोधन करता है, तो इन दोनों क्रमिक चरणों को वैज्ञानिक रूप से किस रूप में परिभाषित किया जाएगा?
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