त्वरित लिंक्स
History of India
40 views
औरंगजेब की धार्मिक नीति का विरोध किसने किया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिवाजी महाराज ने मुगलों का विरोध किया।
Related Questions
→
मुगलकालीन केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुगल प्रशासन में 'मीर बख्शी' का पद मुख्य रूप से सैन्य विभाग का प्रमुख होने के साथ-साथ मनसबदारी प्रणाली के अंतर्गत सैनिकों के निरीक्षण, घोड़ों को दागने (दाग प्रथा) और सैनिकों की हुलिया पंजीयन का उत्तरदायित्व संभालता था, तथा वह 'सद्र-उस-सदूर' के बाद साम्राज्य का दूसरा सबसे शक्तिशाली मंत्री था।
2. 'खान-ए-समां' (या मीर-ए-सामन) मुगल साम्राज्य के शाही कारखानों, शाही घराने, रसोई और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता था, जो सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी था।
3. शाहजहां के शासनकाल में केंद्रीय राजस्व प्रशासन में 'दीवान-ए-तन' (वेतन विभाग के दीवान) नामक एक नए अधिकारी की शक्ति में वृद्धि हुई, जो जागीरदारों और मनसबदारों को उनके वेतन के एवज में जागीरें (तनख्वाह जागीर) आवंटित करने का कार्य करता था।
4. औरंगजेब के शासनकाल में धार्मिक मामलों, दान-पुण्य, शरिया कानूनों के अनुपालन और राज्य की ओर से विद्वानों व काजियों को दी जाने वाली सहायता (मदद-ए-माश या सयूरगल) के वितरण का सर्वोच्च अधिकारी 'सद्र-उस-सदूर' कहलाता था, जिसे 'मीर-अतिश' भी कहा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व एवं संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने आरा पर अधिकार करने के बाद ब्रिटिश सेनापति मेजर विंसेंट आयर के साथ बीबीगंज के पास हुए कड़े संघर्ष में पराजय के उपरांत गोरिल्ला युद्धनीति अपनाई और आजमगढ़ तक अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी।
2. ब्रिटिश सेना की गोली से कलाई के पास गंभीर रूप से घायल होने के बाद वीर कुंवर सिंह ने स्वयं अपनी तलवार से अपना बायाँ हाथ काटकर गंगा नदी में अर्पित कर दिया था।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु (26 अप्रैल 1858) के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों और कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजी सेना के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध को जारी रखते हुए ब्रिटिश शासन के समानांतर एक प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की थी।
4. अमर सिंह को ब्रिटिश सेना द्वारा युद्ध के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाकर बक्सर के किले में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
ब्रिटिश भारत में लागू की गई भू-राजस्व प्रणालियों और उनके आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्थाई बंदोबस्त के अंतर्गत बंगाल और बिहार के क्षेत्रों में राजस्व की मांग हमेशा के लिए निश्चित कर दी गई, जिसके परिणामस्वरूप जमींदारों द्वारा लगान न चुकाए जाने की स्थिति में उनकी जमींदारी नीलाम करने के लिए 'सूर्यास्त कानून' (Sunset Law) का प्रावधान किया गया था।
2. रयतवारी व्यवस्था के अंतर्गत भूमि का स्वामित्व सीधे किसानों के पास था और सरकार द्वारा भू-राजस्व की दरों को अत्यधिक उच्च (लगभग 45 से 50 प्रतिशत तक) रखा गया था, जिन्हें नियमित अंतरालों पर संशोधित किया जाता था।
3. महालवारी व्यवस्था के तहत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर किया जाता था और लगान अदायगी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी प्रत्येक कृषक की होती थी, जिसमें ग्राम समुदाय या लंबरदार की कोई सामूहिक जवाबदेही नहीं होती थी।
4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों का दीर्घकालिक प्रभाव यह हुआ कि भारतीय कृषि का तेजी से वाणिज्यीकरण हुआ, जिससे किसानों की स्थिति सुधरने के बजाय वे साहूकारों और महाजनों के चंगुल में फंसते चले गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1857 के विद्रोह के पास न तो कोई केंद्रीय संगठन या अखिल भारतीय नेतृत्व था और न ही कोई सुस्पष्ट भावी राजनीतिक-आर्थिक एजेंडा, जिसके कारण विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने अपनी स्थानीय सीमाओं और संकुचित हितों के तहत ही संघर्ष किया।
2. अधिकांश भारतीय रियासतों के शासकों, बड़े जमींदारों और साहूकारों ने विद्रोहियों का साथ देने के बजाय ब्रिटिश सत्ता का खुलकर समर्थन किया, जिसे लॉर्ड कैनिंग ने 'तूफानी आंधी में बाँध का काम करने वाले' (breakwaters in a storm) के रूप में सराहा था।
3. आधुनिक पश्चिमी शिक्षा प्राप्त भारतीय मध्यम वर्ग, बुद्धिजीवियों और व्यापारियों ने ब्रिटिश शासन को आधुनिकीकरण और कानून के शासन का मार्गदर्शक मानते हुए इस विद्रोह से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (EIC) द्वारा भारत में अपनी राजनीतिक और वाणिज्यिक सत्ता की सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1668 में ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय ने बॉम्बे (मुम्बई) द्वीप को पुर्तगालियों से दहेज में प्राप्त किया था, जिसे उन्होंने मात्र 10 पाउंड वार्षिक किराए पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया था।
2. वर्ष 1690 में जॉब चारनाक ने हुगली के स्थान पर सुतानाती में एक अंग्रेजी कारखाने की नींव रखी, जो आगे चलकर कलकत्ता (कोलकाता) शहर के रूप में विकसित हुआ और यहाँ फोर्ट विलियम किले का निर्माण किया गया।
3. बंगाल के नवाब शाइस्ता खां ने वर्ष 1680 में एक फरमान जारी कर अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में 3% वार्षिक चुंगी के भुगतान पर कर-मुक्त व्यापार करने का अनन्य अधिकार प्रदान किया था।
4. फ्रांसीसियों ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1668 में सूरत में स्थापित की थी, जिसकी स्थापना फ्रेंकोइस कैरो के प्रयासों से हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.