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History of India
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शाहजहाँ का शासनकाल:

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शाहजहाँ ने 1628 से शासन किया।
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बहमनी सुल्तानों ने अपने प्रशासन में किस भाषा को राजभाषा (Official Language) बनाया था? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली पर अधिकार करने के पश्चात मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति तथा विद्रोहियों और सम्राट के मध्य संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बहादुर शाह जफर ने स्वेच्छा से और प्रसन्नतापूर्वक विद्रोहियों का नेतृत्व स्वीकार किया था तथा वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक मजबूत और आक्रामक सैन्य रणनीति तैयार करने में पूरी तरह सक्रिय रहे। 2. दिल्ली में वास्तविक प्रशासनिक और सैन्य सत्ता 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के हाथों में निहित थी, जिसके सदस्यों का चयन विभिन्न रेजिमेंटों से आए सिपाहियों द्वारा किया जाता था, और सम्राट के अधिकारिक आदेशों को भी इस अदालत की स्वीकृति की आवश्यकता होती थी। 3. सम्राट के नाम पर जारी शाही घोषणाओं और फरमानों में सभी वर्गों (विशेषकर हिंदू और मुस्लिम जनता) से अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद और सशस्त्र संघर्ष में शामिल होने की अपील की गई थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों और रियासतों को एक प्रतीकात्मक वैधानिकता प्राप्त हुई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम 'महामल्ल' के शासनकाल में महाबलीपुरम के प्रसिद्ध एकश्म रथ मंदिरों (सप्त पगोडा) का निर्माण करवाया गया था, जबकि कांचीपुरम के प्रसिद्ध कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय) ने करवाया था। 2. वातापी (बादामी) के चालुक्य वंश के सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका विस्तृत विवरण महाकवि रविचर्ति द्वारा रचित ऐहोल शिलालेख (प्रशस्ति) में प्राप्त होता है। 3. चोल राजवंश की स्थानीय स्वशासन प्रणाली, जिसका विस्तृत उल्लेख उत्तरमेरूर अभिलेखों में मिलता है, के अंतर्गत ग्राम सभाओं के सदस्यों के चयन के लिए 'कुडवोलाई' (घड़े की पर्ची) नामक लोकतांत्रिक लॉटरी प्रणाली का प्रयोग किया जाता था। 4. हर्ष के कन्नौज धर्मसभा के दौरान महायान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए चीनी यात्री ह्वेनसांग को सभा का अध्यक्ष बनाया गया था, किंतु ह्वेनसांग की इस सर्वोच्च धार्मिक स्थिति से ईर्ष्यावश हीनयानियों और ब्राह्मणों ने सभा के पंडाल में आग लगाने का असफल षड्यंत्र रचा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य संगठन और शिवाजी के शासनकाल की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों का परिषद) नामक मंत्रिपरिषद थी, जिसमें पेशवा (मझार) सर्वोच्च पद होता था जो सैन्य मामलों के अलावा अन्य सभी नागरिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करता था तथा मंत्रिपरिषद का प्रत्येक मंत्री सीधे छत्रपति के प्रति उत्तरदायी था। 2. राजस्व सुधारों के अंतर्गत शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को कड़ाई से हतोत्साहित किया और उसके स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया, हालांकि कुछ मामलों में सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान (सरंजाम) भी दिए जाते थे। 3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जिनमें चौथ मराठा राज्य की सीमा के बाहर पड़ोसी मुगल अथवा अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि सरदेशमुखी उस क्षेत्र पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था। 4. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'पागा' (राजकीय घुड़सवार सेना) जिसमें सैनिकों को घोड़े और शस्त्र राज्य द्वारा प्रदान किए जाते थे, और 'सिहल्ती' या 'बारगीर' जो स्वयं अपने घोड़े और अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की नीतियों (राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स) नीति के तहत सतara, जैतपुर, संबलपुर, उदयपुर, नागपुर और झांसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, जिससे देशी रियासतों और उत्तराधिकार से वंचित होने वाले शासकों में गंभीर असंतोष उत्पन्न हुआ। 2. ब्रिटिश प्रशासन द्वारा वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित होने वाले व्यक्ति को अपने पैतृक पूर्वजों की संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे पारंपरिक भारतीयों ने धर्म-परिवर्तन को बढ़ावा देने का षड्यंत्र माना। 3. आर्थिक क्षेत्र में, अंग्रेजों की एकतरफा मुक्त व्यापार नीति (Free Trade Policy) और भारी आयात शुल्कों ने पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे लाखों कारीगर और बुनकर बेरोजगार होकर कृषि भूमि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए। 4. लॉर्ड कैनिंग के कार्यकाल में वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत नए भारतीय सैनिकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुद्र पार करके विदेशों में भी युद्ध लड़ने जाना होगा, जिसे तत्कालीन रूढ़िवादी भारतीय समाज में समुद्र पार यात्रा करने पर जाति-भ्रष्ट होने की धार्मिक मान्यता के विरुद्ध देखा गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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