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UPTET
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और ग्रामीण विद्युतीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश में तापीय ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से 'उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड' (RVVUNL) द्वारा किया जाता है, और राज्य का सबसे पुराना तापीय विद्युत संयंत्र हरदुएगंज तापीय विद्युत गृह अलीगढ़ जिले में स्थित है।
- 2. 'अनपरा तापीय विद्युत परियोजना' सोनभद्र जिले की रिहंद जलाशय के पास स्थित है, जिसे स्थानीय कोयला क्षेत्रों से और आंशिक रूप से मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र से कोयला प्राप्त होता है।
- 3. उत्तर प्रदेश के पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 'दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना' (DDUGJY) और 'सौभाग्य योजना' के अंतर्गत शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें ग्रिड आधारित और सौर ऊर्जा दोनों प्रणालियां शामिल हैं।
- 4. उत्तर प्रदेश सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति (Solar Energy Policy) के तहत बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में मेगा सोलर पार्कों की स्थापना को अनिवार्य किया गया है, और राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक कुल ऊर्जा उत्पादन में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 50% से अधिक करने का कानूनी प्रावधान किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश का पहला तापीय विद्युत संयंत्र हरदुएगंज तापीय विद्युत गृह अलीगढ़ में स्थापित किया गया था। कथन 2 सही है क्योंकि अनपरा थर्मल पावर स्टेशन सोनभद्र जिले में रिहंद क्षेत्र के पास स्थित है और इसे कोयला प्राप्ति में सहूलियत मिलती है। कथन 3 सही है क्योंकि ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। कथन 4 गलत है क्योंकि नई सौर ऊर्जा नीति के तहत सौर ऊर्जा का लक्ष्य है, परंतु वर्ष 2027 तक कुल ऊर्जा का 50% सौर ऊर्जा करने का कोई ऐसा अनिवार्य कानूनी प्रावधान नहीं किया गया है; अतः केवल 1, 2 और 3 सही हैं।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का प्रावधान किया गया है?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के अंतर्गत आने वाले विषयों (जैसे शिक्षा, वन, आर्थिक और सामाजिक योजनाएँ) पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, सिવાય इसके कि राज्य के कानून को संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति प्राप्त हो।
2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन का विषय संविधान की 'राज्य सूची' (List II) के अंतर्गत आता है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (संशोधित) के तहत राज्य सरकार को इन निकायों के गठन और नियंत्रण का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा संचालित 'राज्य मानवाधिकार आयोग' का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 21 के तहत किया गया है, जो कि केवल 'राज्य सूची' और 'समवर्ती सूची' में प्रगणित विषयों से संबंधित मानवाधिकारों के उल्लंघनों की ही जाँच कर सकता है, संघ सूची के विषयों पर इसे कोई अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और मेटाकॉग्निशन (Metacognition)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉ संज्ञान और मेटाकॉग्निटिव ज्ञान' (व्यक्ति, कार्य और रणनीतिक चर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'रोस्ट्राल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Brodmann Area 10), और 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), स्व-नियमन (Self-Regulation), और त्रुटि का पता लगाने (Error Detection) की सक्रियण गतिकी, तथा एन ब्राउन (Ann Brown) के 'मेटाकॉग्निटिव विनियमन और कार्यकारी नियंत्रण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मेटाकॉग्निटिव-स्केफोल्डिंग पेडागोजी (Metacognitive-Scaffolded Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-निर्देशित अधिगम, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र समस्या-समाधान क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के सुपीरियर फ्रंटल गइरस' (Left Superior Frontal Gyrus - लिखित अभिव्यक्ति की योजना), 'एग्रफिया और मोटर कॉर्टेक्स' (Exagraphia & Motor Cortex - उंगलियों के सूक्ष्म मोटर नियंत्रण और ग्राफिक प्रतीकों का निष्पादन), तथा 'सेरिबैलम' (Cerebellum - हस्तलेखन की गति और तालमेल का समन्वय) के बीच दोषपूर्ण न्यूरोनल कनेक्टिविटी, विजुअल-मोटर एकीकरण में बाधा, और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स की सक्रियण गतिकी, तथा मारिया मोंटेसरी के 'मस्कुलर-सेंसरी राइटिंग ट्रेनिंग' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में वर्तनी स्पष्टता, हस्तलेखन प्रवाह व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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