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History of India
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अकबर ने जजिया कब हटाया?

Detailed Explanation

1564 में हटाया।
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1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोहियों के वास्तविक नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली में विद्रोह की शुरुआत 11 मई 1857 को मेरठ से आए सिपाहियों द्वारा लाल किले में प्रवेश करने के साथ हुई, जहाँ उन्होंने अनिच्छुक वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहनशाह-ए-हिंदुस्तान' (सम्राट) घोषित कर दिया। 2. यद्यपि बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों का प्रतीकात्मक और औपचारिक प्रमुख घोषित कर दिया गया था, किंतु वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक निर्णय लेने की शक्ति 'सैन्य अदालत' (Court of Administration) के पास थी, जिसमें विभिन्न रेजीमेंटों से चुने गए सिपाही प्रतिनिधि शामिल थे। 3. दिल्ली में विद्रोहियों के नेतृत्व का वास्तविक नियंत्रण जनरल बख्त खान के हाथों में था, जो बरेली से आए सैनिकों के एक दस्ते के प्रमुख के रूप में दिल्ली पहुँचे थे और जिन्हें जफर द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की गई थी। 4. सितंबर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार किए जाने के पश्चात जनरल जॉन निकलसन के नेतृत्व में शाही परिवार के राजकुमारों को गोली मार दी गई तथा बहादुर शाह जफर पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर उन्हें रंगून (मर्मा) निर्वासित कर दिया गया जहाँ वर्ष 1862 में उनकी मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झांसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे द्वारा संचालित सैन्य अभियानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति ह्यूरोज़ द्वारा झांसी की घेराबंदी किए जाने के बाद रानी लक्ष्मीबाई ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया और अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर सुरक्षित रूप से कालपी की ओर प्रस्थान किया, जहाँ वे तात्या टोपे की संयुक्त सेना से जुड़ीं। 2. कालपी के युद्ध में पराजय के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर कूच किया, जहाँ ग्वालियर के सिंधिया शासक जयाजीराव सिंधिया ने राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए अपनी पूरी सेना विद्रोहियों को सौंप दी, जिससे उनकी स्थिति अत्यधिक मजबूत हो गई। 3. ग्वालियर पर अधिकार करने के उपरांत ब्रिटिश सेनापति ह्यूरोज़ ने ग्वालियर पर पुनः आक्रमण किया, और जून 1858 में कोटा-की-सराय (Kotah-Ke-Serai) के युद्ध में अंग्रेजों से लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं। 4. रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु के पश्चात तात्या टोपे ने नेपाल की तराई में शरण ली, जहाँ एक स्थानीय जमींदार मानसिंह के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों द्वारा पकड़ लिया गया और अप्रैल 1859 में शिवपुरी में फांसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पानीपत विजय के बाद बाबर ने स्वयं को कहाँ का बादशाह घोषित किया? विजयनगर साम्राज्य में "आयगार" (Ayagar) अधिकारियों की संख्या कितनी होती थी जो ग्रामीण प्रशासन देखते थे? मुगल काल में "हुंडी" थी:
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