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History of India
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मुगल काल में "दाम":

Detailed Explanation

दाम तांबे का सिक्का था।
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→ हुमायूँ ने किस वर्ष सरहिंद के युद्ध में सूर वंश को हराकर पुनः दिल्ली की गद्दी प्राप्त की थी? → सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हड़प्पा सभ्यता के अधिकांश स्थलों में नगर दो भागों में विभाजित थे — पश्चिमी भाग (दुर्ग टीला) और पूर्वी भाग (निचला नगर), किंतु धौलाविरा एकमात्र ऐसा स्थल है जो तीन भागों (दुर्ग, मध्यम नगर और निचला नगर) में विभाजित था और इसके चारों ओर विशाल प्रस्तर प्राचीर के साक्ष्य मिलते हैं। 2. सिंधु सभ्यता के नगरों में सड़कों का निर्माण 'ग्रिड पद्धति' (Grid System) पर आधारित था, जहाँ मुख्य सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं और बस्तियों में घरों के दरवाजे मुख्य सड़कों की ओर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे, जो गोपनीयता और सुरक्षा का प्रतीक था। 3. लोथल और चान्हूदरो दोनों ही स्थल सिंधु सभ्यता के प्रमुख 'मनके बनाने के कारखाने' (Bead-making factories) के रूप में प्रसिद्ध थे, जहाँ से कैनेलियन, जैस्पर, और तांबे के मनकों के साथ-साथ मुहरें बनाने का भी बड़े पैमाने पर कार्य होता था। 4. सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन के साथ-साथ बाह्य व्यापार का भी महत्वपूर्ण स्थान था, जिसके अंतर्गत मेसोपोटामिया (सुमेर) के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द का प्रयोग किया गया है, जहाँ से कपास, हाथीदाँत और कार्नेलियन का निर्यात किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुई घटनाओं और उनके नेतृत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना सिटी में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व करने वाले पुस्तक विक्रेता पीर अली खान को कमिश्नर विलियम टेलर के कठोर आदेश पर सार्वजनिक रूप से फाँसी पर लटका दिया गया था। 2. दानापुर छावनी के 7वें, 8वें और 40वें रेजिमेंट के विद्रोही सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और सोन नदी पार कर सीधे जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह की सेना में शामिल हो गए थे। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा क्षेत्रों में विद्रोह का कोई स्थानीय प्रभाव नहीं देखा गया, क्योंकि वहाँ के यूरोपीय अधिकारियों ने समय रहते सभी स्थानीय जमींदारों को अपने पक्ष में कर लिया था और विद्रोही सिपाहियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। 4. पटना के कमिश्नर विलियम टेलर ने विद्रोह की गंभीरता को देखते हुए शहर के वहाबी नेताओं और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी तथा शहर में संभावित खतरे को नियंत्रित करने के लिए दमनकारी उपायों का सहारा लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय और प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च नागरिक और सैन्य अधिकारी 'तीर्थ' कहलाते थे, जिनकी संख्या अठारह थी और इनमें 'सन्निधातृ' (राजकोष और कोषागार का मुख्य संरक्षक) तथा 'समाहर्त्ता' (राजस्व संग्रह और आय-व्यय का मुख्य नियंत्रक) सर्वाधिक महत्वपूर्ण थे। 2. अशोक के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य को चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिनकी राजधानियाँ उत्तरापथ (तक्षशिला), दक्षिणापथ (सुवर्णगिरि), अवंतीरुप (उज्जैन) और कलिंग (तोसली) थीं, तथा इन प्रांतों का प्रशासन प्रायः राजवंश के राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) द्वारा संचालित होता था। 3. मौर्यकालीन नगर प्रशासन का विवरण मेगास्थनीज की 'इंडिका' में मिलता है, जिसके अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था जो छह समितियों (प्रत्येक में पाँच सदस्य) में विभाजित होकर व्यापार, शिल्प, कर-संग्रह और विदेशियों की देखभाल जैसे कार्य करती थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → अकबर के काल में "मुंतखब-उत-तवारीख" के लेखक कौन थे जो अकबर की नीतियों के कटु आलोचक थे?
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