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उत्तर प्रदेश के लोक संगीत, नाट्य और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. ख्याल गायकी - यह उत्तर प्रदेश के किराना और आगरा घरानों से विशेष रूप से संबंधित है, जहाँ शास्त्रीय संगीत की इस विधा का विकास मुग़ल दरबारों और राजा-महाराजाओं के संरक्षण में हुआ था।
- 2. नौटंकी - यह उत्तर प्रदेश का एक अत्यंत लोकप्रिय लोक नाट्य रूप है, जो मुख्य रूप से हाथरस और कानपुर शैली के अंतर्गत पौराणिक कथाओं, सामाजिक मुद्दों और वीर गाथाओं पर आधारित प्रदर्शन करता है।
- 3. ढोला लोकगीत - यह मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश (विशेषकर आगरा, अलीगढ़ और बुलंदशहर) में गाया जाने वाला एक वीर गाथात्मक लोक संगीत है, जो राजा ढोला और रानी मारवाड़ी के प्रेम प्रसंगों पर आधारित है।
- 4. कजरी - यह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी क्षेत्र का एक प्रमुख शास्त्रीय संगीत है, जिसे केवल बसंत पंचमी के पावन अवसर पर महिलाओं द्वारा समूह में गाया जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ख्याल गायकी का विकास उत्तर प्रदेश के प्रमुख घरानों जैसे किराना घराना और आगरा घराना के अंतर्गत हुआ है। कथन 2 सही है; नौटंकी उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक लोकप्रिय लोक नाट्य है जिसमें हाथरस और कानपुर शैलियाँ प्रमुख हैं। कथन 3 सही है क्योंकि ढोला लोकगीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश (आगरा, अलीगढ़, मेरठ आदि) में राजा ढोला और मारवाड़ी की कथा पर आधारित अत्यंत प्रसिद्ध वीर गाथात्मक लोकगीत है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'कजरी' मूल रूप से मिर्जापुर और पूर्वांचल क्षेत्र का लोकगीत है, जो वर्षा ऋतु (सावन-भादो) के दौरान गाया जाता है, न कि केवल बसंत पंचमी के अवसर पर। अतः विकल्प (a) सही है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के दिशा-निर्देशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक पृथक विषय के रूप में पढ़ाने के बजाय 'परिवार और मित्र', 'आश्रय', 'जल', 'भोजन', 'यात्रा' और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं' जैसी छह अंतर्संबंधित थीमों (Themes) के अंतर्गत एकीकृत रूप में पढ़ाया जाना चाहिए।
2. पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) के अंतर्गत बच्चों के पोर्टफोलियो, सहपाठियों के आकलन, अवधारणा मानचित्रण (Concept Mapping) और गुणात्मक टिप्पणियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि केवल योगात्मक परीक्षाओं को।
3. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यपुस्तकों में स्थानीय ज्ञान, पारंपरिक तकनीकों और स्वदेशी समुदायों के अनुभवों को स्थान देना आवश्यक है ताकि बच्चे अपने परिवेश से जुड़कर 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत को आत्मसात कर सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत 'पर्यावरणीय शिक्षा' (Environmental Education) में समस्या समाधान विधि (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को सबसे अधिक महत्वपूर्ण और तार्किक शुरुआत माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गुइफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाएँ, विषयवस्तु और उत्पाद' (Operations, Contents, and Products) के त्रि-आयामी वर्गीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'इंफीरियर टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Inferior Temporal Cortex) और 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी सूचना प्रसंस्करण, प्रतीकात्मक रूपांतरण और अमूर्त तार्किक उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory: घटकीय, अनुभवात्मक और सांदर्भिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक संवर्धन शिक्षाशास्त्र (Cognitive Enhancement Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी बौद्धिक क्षमताओं, विश्लेषणात्मक व व्यावहारिक कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसका द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक विकेंद्रीकरण (Decentration) की योग्यता अर्जित कर लेता है और वस्तुओं के वर्गीकरण तथा श्रेणीबद्धता (Seriation) जैसे तार्किक संक्रियाओं को भली-भांति समझने लगता है।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष और उससे आगे) में किशोरों के भीतर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अननुबंधित उद्दीपक' (Unconditioned Stimulus - US) और 'अनुबंधित उद्दीपक' (Conditioned Stimulus - CS) के एकीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'ेंट्रोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventrolateral Prefrontal Cortex) के बीच भय कंडीशनिंग (Fear Conditioning), भावनात्मक अनुक्रिया और विलुप्ति (Extinction) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वॉटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवाद और भावनात्मक अनुबंधन' (Little Albert Experiment) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भय-मुक्त वातावरण (Fear-Free Learning Environment) और विद्यार्थियों में सकारात्मक भावनात्मक समायोजन, तनाव न्यूनीकरण व अनुकूलित व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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