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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार लगभग 23°52' उत्तरी अक्षांश से 30°24' उत्तरी अक्षांश तक है, जिसके कारण राज्य के अधिकांश भाग में उष्णकटिबंधीय मानसूनी (Tropical Monsoon) प्रकार की जलवायु पाई जाती है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा से होती है, जिससे राज्य के पूर्वी और तराई जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की जाती है, जबकि पश्चिम की ओर बढ़ने पर वर्षा की मात्रा में क्रमिक कमी आती जाती है।
  3. 3. राज्य की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा और घाघरा सभी बारहमासी हैं, जिनका उद्गम मुख्य रूप से हिमालय के ग्लेशियरों से होता है, और ये सभी अंततः अरब सागर में जाकर गिरती हैं।
  4. 4. उत्तर प्रदेश की जलवायु में शीतकाल के दौरान पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण होने वाली हल्की वर्षा रबी की फसल (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं। उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार 23°52' उत्तरी अक्षांश से 30°24' उत्तरी अक्षांश तक है और इसकी जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है। राज्य में सर्वाधिक वर्षा बंगाल की खाड़ी के मानसून से होती है और पूर्व से पश्चिम की ओर जाने पर वर्षा घटती है। सर्दियों में पश्चिमी विक्षोभ (मावठ) से होने वाली वर्षा रबी की फसलों के लिए बहुत उपयोगी होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश की नदियाँ अंततः अरब सागर में नहीं, बल्कि बंगाल की खाड़ी में (गंगा के माध्यम से) गिरती हैं।
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