BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
7 views

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्यवर्ती जिलों में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' (New Alluvial Soil) को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है और इसकी क्या प्रमुख विशेषताएँ हैं?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश में नदियों द्वारा बाढ़ के मैदानों में हर वर्ष लाई जाने वाली नई जलोढ़ मिट्टी को 'खदर' (Khadar) या 'कछार' कहा जाता है। यह मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है क्योंकि बाढ़ के कारण इसमें प्रतिवर्ष पोषक तत्वों की नई परत जमा होती रहती है, जो धान, गेहूँ और गन्ने की फसल के लिए बेहद उत्तम मानी जाती है। इसके विपरीत, 'बांगर' पुरानी जलोढ़ मिट्टी होती है, 'भाबर' तराई से सटा कंकरीला क्षेत्र होता है, और 'मार व काबर' बुंदेलखंड क्षेत्र की काली/चिकनी मिट्टी है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच नैतिक निर्णय लेने, संवेगात्मक समानुभूति (Empathy), और सामाजिक-संज्ञानात्मक संघर्ष समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक देखभाल का नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, वैल्यू-ओरिएंटेड मोरल पेडागोजी (Value-Oriented Moral Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तार्किकता, सामाजिक न्यायबोध व समग्र चरित्र निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी। 2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे। 3. प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य को वेदों और पुराणों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहाँ महर्षि दधीचि और अन्य ऋषियों ने वेदों के संकलन एवं अध्यापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के लोकगीतों और उनकी गायन विधाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'बिरहा' (Birha) - मुख्य रूप से पूर्वांचल क्षेत्र (विशेषकर वाराणसी, गाजीपुर और जौनपुर) में गाया जाने वाला एक लोकगीत है, जिसमें सामाजिक, पारिवारिक और वीर रस की कथाओं का वर्णन किया जाता है। 2. 'कजरी' (Kajri) - मिर्जापुर और वाराणसी क्षेत्रों में सावन के महीने में गाया जाने वाला एक पारंपरिक लोकगीत है, जो मानसून के आगमन और राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों पर आधारित होता है। 3. 'आल्हा' (Alha) - बुंदेलखंड क्षेत्र में गाया जाने वाला एक वीर गाथात्मक लोकगीत है, जो चंदेल राजाओं के सेनापतियों आल्हा और ऊदल की वीरता की लड़ाइयों का वर्णन करता है, और इसे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में गाया जाता है। 4. 'चौतीसा' या 'चैती' (Chaiti) - पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ और सहारनपुर) में मुख्य रूप से होली के अवसर पर गाया जाने वाला विरह रस प्रधान लोकगीत है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं? → उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों और उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'थारू' जनजाति उत्तर प्रदेश के मुख्य रूप से तराई क्षेत्रों (विशेषकर महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, बहराइच) में निवास करती है, और यह जनजाति दीपावली के पर्व को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है तथा इनका समाज मातृसत्तात्मक (Matriarchal) होता है। 2. 'बुक्सा' (बोक्सा) जनजाति मुख्य रूप से बिजनौर जिले में निवास करती है, जो पटड़ी नामक हिंदू धर्म की उपजातियों में बंटी है और इनका मुख्य व्यवसाय कृषि के साथ-साथ काष्ठ कला (Wood Carving) है। 3. 'جونसारि' (जौनसारी) और 'राजी' जनजातियाँ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैदानी और पठारी क्षेत्रों में बहुतायत में पाई जाती हैं, जहाँ वे झूम कृषि (Shifting Cultivation) करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytical Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना में 'अ अहम्' (Superego) का मुख्य नियामक बल (Governing Force) निम्नलिखित में से कौन सा होता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.