त्वरित लिंक्स
History of India
38 views
अकबर ने इबादतखाना कहाँ बनाया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
फतेहपुर सीकरी में 1575 में।
Related Questions
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली — जॉन निकलसन
2. लखनऊ — सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
3. झांसी और ग्वालियर — सर ह्यूरोज
4. रोहिलखंड — मेजर जनरल हैवलॉक
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में हुए घटनाक्रमों तथा प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं (बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लखनऊ में विद्रोह की शुरुआत 30 जून 1857 को चिनहट के युद्ध (मझगवां के निकट) से हुई थी, जहाँ हेनरी लॉरेंस के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को मौलवी अहमदुल्लाह शाह के सैन्य कौशल और विद्रोही सिपाहियों के संयुक्त प्रतिरोध के समक्ष पराजय का सामना करना पड़ा था।
2. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बृजकिसार (बिरjis कादिर) को अवध का नवाब घोषित किया और लखनऊ की रेजिडेंसी की घेराबंदी के दौरान विद्रोहियों का राजनीतिक व प्रशासनिक नेतृत्व किया, जबकि मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने रोहिलखंड और अवध की सीमाओं पर अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का प्रभावी संचालन किया।
3. लखनऊ पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने गोरखा रेजिमेंट की सहायता से सैन्य अभियान चलाया, और अंततः मार्च 1858 में शहर पर अंग्रेजों का कब्जा हो गया, जिसके उपरांत बेगम हजरत महल ने नेपाल में शरण ली जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह (जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था) ने अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का आह्वान किया था, और अंग्रेजों ने उनकी गिरफ्तारी या हत्या पर पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था, तथा अंततः पवयां के राजा जगन्नाथ सिंह के विश्वासघात के कारण वे मारे गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वैदिक काल और उत्तर-वैदिक काल के सामाजिक, आर्थिक तथा धार्मिक जीवन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में समाज मूलतः कबीलाई और समतावादी था, जहाँ वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर न होकर कर्म (व्यवसाय) पर आधारित थी और स्त्रियों को उपनयन संस्कार तथा सभा-समिति जैसी राजनीतिक संस्थाओं में भाग लेने का अधिकार प्राप्त था।
2. उत्तर-वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (कृषि उपकरणों और हथियारों में) ने अर्थव्यवस्था में कृषि को प्रधानता दी, जिससे कबीलाई समाज का स्थान क्षेत्रीय राज्यों (जनपदों) ने ले लिया और गोत्र व्यवस्था सामाजिक रूप से स्थापित हुई।
3. ऋग्वैदिक काल के प्रमुख देवता इंद्र और अग्नि थे, जिन्हें यज्ञों के माध्यम से आहुतियाँ दी जाती थीं, किंतु उत्तर-वैदिक काल में प्रजापति (सृष्टिकर्ता) सर्वोच्च देवता के रूप में उभरे तथा यज्ञों में जटिलता और पशु-बलि का प्रचलन अत्यधिक बढ़ गया।
4. वैदिक साहित्य में उल्लिखित 'निष्क' और 'शतमान' प्रारंभिक चरण में सोने के माप या आभूषण के रूप में प्रयुक्त होते थे, किंतु उत्तर-वैदिक काल के अंत तक इनका प्रयोग नियमित विनिमय के साधन (मुद्रा के रूप में) होने के अकाट्य प्रमाण मिलते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
होल्कर और अंग्रेजों के बीच 1805 ई. में हुई किस संधि से द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त हुआ?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस विद्रोह के पास संपूर्ण भारत के लिए कोई सुसंगत राजनीतिक दृष्टिकोण, आधुनिक प्रशासनिक योजना या भविष्य का कोई स्पष्ट वैकल्पिक ढांचा नहीं था।
2. विद्रोही खेमे में उच्च स्तरीय सैन्य समन्वय, केंद्रीयकृत कमान और आधुनिक युद्धकौशल का पूर्ण अभाव था, तथा विभिन्न क्षेत्रों के नेता अपने स्थानीय हितों और तात्कालिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर लड़ रहे थे।
3. भारत के अधिकांश बड़े रियासतों के शासकों, बड़े जमींदारों और आधुनिक शिक्षित वर्ग ने विद्रोही ताकतों का खुलकर समर्थन किया था, जिसके कारण अंग्रेजों को पूरे भारत में व्यापक प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
4. ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक सैन्य तकनीक, कुशल तोपखाना, अनुशासित सैनिक और उत्कृष्ट संचार माध्यम (जैसे टेलीग्राफ) उपलब्ध थे, जिसके समक्ष बिखरे हुए विद्रोही सैनिक टिक नहीं सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.