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UPTET
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उत्तर प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो मुख्य रूप से ऊँटों के क्रय-विक्रय के लिए जाना जाता है और इसे 'ऊँट मेला' भी कहा जाता है।
  2. 2. 'सैफई महोत्सव' और 'ताज महोत्‍सव' क्रमशः इटावा और आगरा में आयोजित किए जाने वाले प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव हैं, जिनमें ताज महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य की मुगलकालीन और बृज संस्कृति की शिल्प कला को बढ़ावा देना है।
  3. 3. 'देवा शरीफ का मेला' बाराबंकी जिले में आयोजित होता है, जो सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर लगता है और यहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा प्रतीक देखने को मिलता है।
  4. 4. 'नौचंदी मेला' मेरठ में आयोजित होने वाला एक ऐतिहासिक मेला है, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक है और यह पारंपरिक रूप से गणगौर के अवसर पर प्रतिवर्ष लगाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: बटेश्वर मेला आगरा जिले में यमुना तट पर लगता है और यह सोनपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला है जहाँ विशेष रूप से ऊँटों की खरीद-फरोख्त होती है। कथन 2 सही है: ताज महोत्सव आगरा में आयोजित किया जाता है जो उत्तर प्रदेश की शिल्प कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देता है। कथन 3 सही है: देवा शरीफ का मेला बाराबंकी में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में लगता है जो सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। कथन 4 गलत है: नौचंदी मेला मेरठ में प्रतिवर्ष होली के तुरंत बाद (दीवाली या गणगौर नहीं, बल्कि पारंपरिक रूप से बसंत ऋतु के अंत और नवरात्रि/होली के आसपास) आयोजित किया जाता है, न कि केवल गणगौर के अवसर पर। अतः विकल्प (a) सही है।
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