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UPTET
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना पर सबसे अधिक बल देती है और सामान्य विद्यालयों में उनकी मुख्यधारा में भागीदारी को हतोत्साहित करती है।
  2. 2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक या भाषाई भिन्नताओं के बावजूद नियमित कक्षा-कक्ष में समान आयु वर्ग के बालकों के साथ गुणवत्तापूर्ण अधिगम के अवसर प्रदान करना है।
  3. 3. 'सुगम्य भारत अभियान' (Accessible India Campaign) और भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) देश में दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण (Barrier-free environment) और विशेष शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख वैधानिक और प्रशासनिक प्रयास हैं।
  4. 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के तहत निजी विद्यालयों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए भी 25% सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि NEP 2020 और समावेशी शिक्षा का दृष्टिकोण 'विशेष विद्यालयों' के बजाय सामान्य विद्यालयों में बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने (Mainstreaming/Inclusion) पर बल देता है। कथन 2, 3 और 4 बिल्कुल सत्य हैं। समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य सभी बच्चों को एक साथ पढ़ाना है, सुगम्य भारत अभियान व RCI बाधा-मुक्त वातावरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े हैं, तथा RTE Act 2009 के तहत निजी स्कूलों में 25% सीटों पर EWS और CWSN बच्चों के आरक्षण का प्रावधान है।
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