BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
8 views

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शोध संस्थानों और उनके स्थापना स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) - लखनऊ
  2. 2. भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR) - कानपुर
  3. 3. राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) - वाराणसी
  4. 4.

बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान (BSIP) - लखनऊ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थान स्थित हैं। युग्म 1 सही है क्योंकि केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) की स्थापना लखनऊ में की गई है। युग्म 2 सही है क्योंकि भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR) कानपुर में स्थित है। युग्म 3 गलत है क्योंकि राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) वाराणसी में नहीं बल्कि लखनऊ में स्थित है। युग्म 4 सही है क्योंकि बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान (BSIP) भी लखनऊ में ही स्थित है। अतः कथन 1, 2 और 4 सही सुमेलित हैं।
Share:

Related Questions

→ लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से क्या है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक प्रदेशों के अंतर्गत नदियों, झीलों और भूगर्भीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील 'गोविंद बल्लभ पंत सागर' है, जो रिहंद नदी पर बनाए गए रिहंद बांध के पीछे सोनभद्र जिले में स्थित है। 2. फुलहर झील (Phulhar Lake), जिससे गोमती नदी का उद्गम होता है, पीलीभीत जिले के माधोटांडा के पास स्थित एक प्राकृतिक गोखुर (Oxbow) झील है। 3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गंगा नदी पहली बार राज्य की सीमा में प्रवेश करती है, और इसके मैदानी इलाकों में बहने के दौरान इसके द्वारा छोड़े गए विसर्प (Meanders) और पुराने जलमार्गों के अवशेषों को स्थानीय भाषा में 'झील' या 'ताल' कहा जाता है, जिनका जलस्तर भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक नृत्यों और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ख्याल नृत्य' बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से पुत्र के जन्म उत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांस से बने मंदिरनुमा प्रतीकों को सिर पर रखकर किया जाता है। 2. 'ढोला नृत्य' उत्तर प्रदेश के आगरा और अलीगढ़ संभागों में विशेष रूप से लोकप्रिय है, जिसमें ढोला-मारू की प्रेम कथाओं का गायन और मंचन किया जाता है। 3. 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो मुख्य रूप से ऊँटों के क्रय-विक्रय के लिए जाना जाता है। 4. 'देवा शरीफ का मेला' बाराबंकी जिले में आयोजित होता है, जो सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → बाल विकास के सामाजिक-सा सांस्कृतिक सिद्धांत के प्रणेता लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणाएं किस मुख्य मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रक्रिया को स्पष्ट करती हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और शिक्षण रणनीतियों' के संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) द्वारा प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizers) की संकल्पना—जो कि नए अधिगम को मौजूदा संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) से जोड़ने के लिए उपयोग की जाती है—तथा रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के सोपान' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के आठ प्रकारों (जैसे- संकेत अधिगम से लेकर समस्या समाधान अधिगम तक) के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.