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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण के दौरान 'बहुभाषिकता' (Multilingualism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बहुभाषिकता कक्षा में एक संसाधन (Resource) के रूप में कार्य करती है, जो बच्चों को अपनी मातृभाषा के माध्यम से नए विचारों को सीखने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करने में मदद करती है।
  2. 2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, शिक्षक को प्राथमिक स्तर पर बच्चे की घर की भाषा (मातृभाषा) को कक्षा में स्वीकार करना चाहिए, भले ही विद्यालय की मुख्य भाषा अलग हो।
  3. 3. बहुभाषिकता शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा है, क्योंकि इससे शिक्षकों को पाठ पढ़ाने में कठिनाई होती है और विद्यार्थियों में भ्रम उत्पन्न होता है।
  4. 4. भाषा शिक्षण में विभिन्न भाषाओं की उपस्थिति बच्चों में संज्ञानात्मक लचीलापन (Cognitive Flexibility) और सामाजिक सहिष्णुता का विकास करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण में 'बहुभाषिकता' को एक बाधा के रूप में नहीं बल्कि एक संसाधन (Resource) के रूप में देखा जाता है। कथन 1, 2 और 4 बिल्कुल सही हैं क्योंकि NCF 2005 और भाषा शिक्षण के आधुनिक सिद्धांत यह मानते हैं कि बच्चे की मातृभाषा या घर की भाषा सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाती है और उनका संज्ञानात्मक विकास करती है। कथन 3 गलत है क्योंकि बहुभाषिकता कोई बाधा नहीं, बल्कि कक्षा को समृद्ध बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
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