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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों (Thermal Power Plants) और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह' अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना स्वतंत्र भारत से पूर्व वर्ष 1942 में की गई थी और यह राज्य के पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों में से एक है।
- 2. 'ओबरा तापीय विद्युत संयंत्र' सोनभद्र जिले में रिहंद नदी की सहायक नदी पर स्थित है, जिसे सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से स्थापित किया गया था।
- 3. 'परीक्षा तापीय विद्युत परियोजना' झाँसी जिले में बेतवा नदी के तट पर स्थित है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है।
- 4. 'अनपरा तापीय विद्युत परियोजना' मिर्जापुर जिले में स्थित है, जो जापान के वित्तीय और तकनीकी सहयोग से संचालित राज्य का सबसे बड़ा विद्युत गृह है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह अलीगढ़ में स्थित है और इसकी स्थापना 1942 में हुई थी। कथन 3 सही है क्योंकि परीक्षा तापीय परियोजना झाँसी में बेतवा नदी के पास स्थित है। कथन 2 गलत है क्योंकि ओबरा तापीय संयंत्र सोनभद्र जिले में रिहंद नदी (या उसकी सहायक रीतु/रिहंद घाटी क्षेत्र) पर स्थित है, किंतु यह रूस के नहीं बल्कि सोवियत संघ के सहयोग से अलग संदर्भ में विकसित हुआ था और अनपरा (कथन 4) सोनभद्र जिले में स्थित है, मिर्जापुर में नहीं (अनपरा सोनभद्र की ऊर्जा पट्टी का हिस्सा है)। अतः सही विकल्प (b) केवल 1 और 3 है।
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हिंदी भाषा शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और त्रुटियों को दूर करना है। इस संदर्भ में, उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चरण निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वभौमिक डिज़ाइन का उद्देश्य विकलांग या विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग से पाठ्यक्रम का निर्माण करना है ताकि उन्हें मुख्यधारा से दूर रखा जा सके।
2. UDL के तीन मुख्य सिद्धांत हैं: अधिगम के लिए एकाधिक साधन (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति के साधन (Multiple Means of Action and Expression), और सहभागिता के साधन (Multiple Means of Engagement)।
3. यह दृष्टिकोण सीखने की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए लचीले शिक्षण वातावरण और विधियों के उपयोग पर जोर देता है।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) दोनों ही इस बात की वकालत करते हैं कि पाठ्यचर्या को इस प्रकार डिजाइन किया जाना चाहिए जो कक्षा के सभी विविध शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं आर्थिक संदर्भ में, राज्य के तराई क्षेत्र (Terai Region) की प्रमुख विशेषता क्या है और यहाँ किस प्रकार की मृदा एवं कृषि की प्रधानता पाई जाती है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की मृदा, वर्षा और तापमान की विभिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल और परुवा मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के साधनों की सीमित उपलब्धता के कारण चना, मटर और ज्वार जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें उगाई जाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में गन्ने का सघन उत्पादन होता है, और यह क्षेत्र देश में चीनी के कटोरे के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
4. राज्य के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मृदा अत्यधिक शुष्क, बंजर और कंकड़-पथरयुक्त होती है, जिस कारण वहाँ कृषि कार्य पूरी तरह असंभव है और केवल कांटेदार झाड़ियाँ ही उगती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और 'समास' के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दीर्घ स्वर संधि के अंतर्गत जब ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ के पश्चात क्रमशः समान ह्रस्व या दीर्घ स्वर आते हैं, तो दोनों मिलकर क्रमशः आ, ई, ऊ, ऋ हो जाते हैं, जैसे— 'विद्या + आलय' में दीर्घ 'आ' का निर्माण होता है।
2. 'द्विगु समास' और 'कर्मधारय समास' दोनों में समानता यह है कि दोनों का उत्तर पद प्रधान होता है, परंतु द्विगु समास का पूर्व पद सदैव 'संख्यावाचक' होता है जो किसी समूह या समाहार का बोध कराता है, जबकि कर्मधारय समास में पूर्व और उत्तर पद के बीच 'विशेषण-विशेष्य' या 'उपमान-उपमेय' का संबंध होता है।
3. 'बहुव्रीहि समास' में दोनों पद प्रधान होते हैं और सामासिक पद अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी अन्य तीसरे पद या अर्थ का विशेष रूप से बोध कराता है, जैसे— 'चक्रपाणि' (चक्र है पाणि में जिसके अर्थात् विष्णु)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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