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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का पहला तैरता हुआ (Floating) सौर ऊर्जा संयंत्र औराैया जिले में यमुना नदी पर स्थित अजीतमल क्षेत्र में स्थापित किया गया है।
- 2. 'हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह' अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में वर्ष 1942 में की गई थी और यह राज्य के सबसे पुराने तापीय संयंत्रों में से एक है।
- 3. उत्तर प्रदेश राज्य में 'अनपरा तापीय विद्युत परियोजना' सोनभद्र जिले में रिहंद जलाशय के निकट स्थित है, जिसे जापान के सहयोग से कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन के लिए विकसित किया गया है।
- 4. उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में सौर ऊर्जा, बायोगैस और पवन ऊर्जा जैसे गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश का पहला प्रमुख तैरता हुआ (Floating) सौर ऊर्जा संयंत्र ओबरा (सोनभद्र) में ओबरा जलाशय पर एनटीपीसी द्वारा स्थापित किया गया है, न कि औरैया में। कथन 2 सत्य है; हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह अलीगढ़ जिले में स्थित है और इसकी स्थापना 1942 में हुई थी। कथन 3 सत्य है; सोनभद्र जिले का अनपरा तापीय विद्युत गृह रिहंद और काण्ड इलाके में स्थित प्रमुख कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है। कथन 4 सत्य है; UPNEDA की स्थापना 1983 में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए की गई थी। अतः सही विकल्प (b) है।
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हिंदी भाषा की शिक्षण विधियों और व्याकरण के अंतर्गत 'प्रत्यय' (Suffix) और 'उपसर्ग' (Prefix) की संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस विकल्प में 'कृत प्रत्यय' (Primary Suffix / Kridanta) का प्रयोग करके 'भाववाचक संज्ञा' का निर्माण किया गया है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक में 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह बिना किसी ठोस या दृश्य सामग्री के केवल प्रतीकों और विचारों के आधार पर समस्याओं का तार्किक समाधान कर सकता है।
2. इस चरण के दौरान 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का उदय होता है, जिसके माध्यम से बालक किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावनाओं या परिकल्पनाओं का निर्माण करता है और उनकी तार्किक रूप से जाँच करता है।
3. इस अवस्था में 'संरक्षण' (Conservation) और 'श्रेणीबद्धता' (Classification) की पूर्ण समझ विकसित हो जाती है, जो मूल रूप से इससे पहले की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' की मुख्य विशेषताएँ थीं।
4. इस आयु वर्ग (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) का बालक 'समानुपातिक चिंतन' (Proportional Thinking) और 'संयोजन चिंतन' (Combinational Thinking) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है।
उपर्युक्त विशेषताओं में से कौन-सी विशेषताएँ औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट बौद्धिक विशेषता निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
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