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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, लोकायुक्त संस्था और राज्य के प्रमुख आयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश राज्य में 'लोकायुक्त' अधिनियम वर्ष 1975 में पारित किया गया था, और विशंभर दयाल (Justice Vishambhar Dayal) राज्य के पहले लोकायुक्त थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग (UP State Human Rights Commission) का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत वर्ष 2002 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जांच करना है।
  3. 3. राज्य में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग' का विधिवत गठन वर्ष 2004 में एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया था।
  4. 4. उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण (UP Public Services Tribunal), जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के सेवा मामलों और विवादों का त्वरित निपटारा करता है, उसकी मुख्य पीठ लखनऊ में स्थित है और इसकी कोई अन्य क्षेत्रीय पीठ प्रदेश में नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त अधिनियम 1975 में लागू हुआ और न्यायमूर्ति विशंभर दयाल राज्य के पहले लोकायुक्त थे। कथन 2 सही है, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन 2002 में हुआ था। कथन 3 सही है, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का गठन वैधानिक निकाय के रूप में 2004 में किया गया था। कथन 4 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण की मुख्य पीठ लखनऊ में होने के साथ-साथ इसकी क्षेत्रीय पीठ (जैसे नैनी, प्रयागराज में) भी स्थापित की गई है। अतः सही विकल्प (b) है।
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