त्वरित लिंक्स
UPTET
8 views
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु और मृदा विशेषताओं के आधार पर कुल 9 प्रमुख कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विविध भौगोलिक और मानसूनी परिस्थितियों को दर्शाते हैं।
- 2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड (दक्षिणी पठारी) क्षेत्र में पाई जाने वाली मृदा को स्थानीय रूप से 'मार', 'भाबर', 'कब्बर' और 'परवा' के नाम से जाना जाता है, जिसमें नमी बनाए रखने की अद्भुत क्षमता होती है और यह चना एवं दलहन फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
- 3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र (भाबर एवं तराई की पट्टी) में उत्तर से आने वाली नदियों द्वारा लाई गई महीन जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है, जो अत्यधिक उपजाऊ होती है और इस क्षेत्र में धान तथा गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
- 4. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल 'गेहूँ' है, जबकि उत्पादन की दृष्टि से यह राज्य देश में खाद्यान्न उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) उत्तर प्रदेश को कृषि व जलवायुिक दशाओं के आधार पर 9 प्रमुख कृषि जलवायु क्षेत्रों में बाँटा गया है। (2) बुंदेलखंड क्षेत्र की मिट्टियाँ जैसे मार, काबर, परवा और राकड़ हैं, जो काली और लाल मिट्टी के मिश्रण से बनती हैं और दलहन/तिलहन के लिए श्रेष्ठ हैं। (3) तराई क्षेत्र में नम, दलदली और उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी मिलती है जहाँ धान और गन्ना बहुतायत में होते हैं। (4) उत्तर प्रदेश में गेहूँ प्रमुख फसल है और राज्य समग्र खाद्यान्न उत्पादन में देश में अग्रणी है।
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, परंपरागत नैतिकता का स्तर किस अवस्था के अंतर्गत आता है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जिन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का संपूर्ण मैदानी क्षेत्र एक विशाल 'अग्रगर्त' (Foretrough) है, जिसका निर्माण हिमालय पर्वतमाला के उत्थान के दौरान उसके दक्षिण में एक विशाल गर्त के रूप में हुआ था और जिसे बाद में नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ अवसादों से पाट दिया गया।
2. राज्य के दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड क्षेत्र) की मुख्य चट्टानें धारवाड़ और विंध्ययन क्रम की हैं, जहाँ उत्तर की ओर से बहने वाली नदियाँ (जैसे चंबल और बेतवा) विस्तृत प्रपात (Waterfalls) और गार्ज का निर्माण करती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और तराई क्षेत्रों में मिलने वाले कंकड़, पत्थर और मोटे बालू युक्त निक्षेपों को 'भाभर' (Bhabhar) क्षेत्र कहा जाता है, जहाँ नदियाँ धरातल पर स्पष्ट रूप से प्रवाहित होती हैं और विलुप्त नहीं होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' किस आयु वर्ग से संबंधित है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि (g-factor)' और 'विशिष्ट बुद्धि (s-factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल इंटीग्रेशन नेटवर्क' (Frontoparietal Integration Theory - P-FIT) जिसमें 'डorsolateral Prefrontal Cortex', 'Inferior and Superior Parietal Lobule' और 'Temporal Cortex' शामिल हैं, के बीच सूचना प्रसंस्करण दक्षता, न्यूरल कनेक्टिविटी और अमूर्त तार्किक तर्क की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित शिक्षाशास्त्र (Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.