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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का पहला वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी, और यह एशियाई शेरों तथा काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
- 2. उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ है।
- 3. उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित 'लाख बहोसी पक्षी विहार' राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार है, जो प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख प्राकृतिक आवास स्थल है।
- 4. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को वर्ष 2020 में 'TX2' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, क्योंकि यहाँ बाघों की संख्या में निर्धारित समय से कम अवधि में दोगुना इजाफा हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार की स्थापना 1957 में चंदौली जिले में जरूर की गई थी, लेकिन यह मुख्य रूप से चीतल, सांभर और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए है; यहाँ एशियाई शेर (जो वर्तमान में केवल गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाते हैं) नहीं पाए जाते हैं। कथन 2 सही है, हस्तिनापुर वन्यजीव विहार राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है जिसका क्षेत्रफल लगभग 2,073 वर्ग किलोमीटर है और यह कई जिलों तक फैला है। कथन 3 सही है, कन्नौज का 'लाख बहोसी पक्षी विहार' क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है। कथन 4 सही है, पीलीभीत टाइगर रिजर्व को बाघों की संख्या दोगुनी करने के लिए प्रतिष्ठित 'TX2' पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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उत्तर प्रदेश के लोक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'लोक नृत्य शैली' और उससे संबंधित 'क्षेत्र या जनपद' के आधार पर सर्वाधिक सटीक रूप से सुमेलित नहीं है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Learning Disabilities and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्द्ध के टेम्पोरो-पैराइटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'फ्यूसीफॉर्म गायरस' (Fusiform Gyrus - विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया), और 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) के बीच फोनोलॉजिकल प्रोसेसिंग (Phonological Processing) विफलता, अक्षरों व ध्वनियों के बीच मैपिंग क्षरण, और विजुअल-ऑडिटरी इंटीग्रेशन की सक्रियण गतिकी, तथा साली शेविट्ज़ (Sally Shaywitz) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्टन-गिर्लिंगहैम पद्धति (Multisensory Orton-Gillingham Method), ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'शिक्षण अधिगम की विधियाँ और रणनीतियाँ' (Teaching-Learning Methods and Strategies) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोजेक्ट विधि या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning: अनुभव, प्रतिबिंब, समेकन और अनुप्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला' (Insula), 'ेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच संवेगात्मक मूल्यांकन, प्रासंगिक ज्ञान एकीकरण, और क्रिया-आधारित प्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंसियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की निम्नलिखित में से कौन-सी विशिष्ट विशेषताएँ हैं?
1. इस स्तर पर व्यक्ति के नैतिक निर्णय किसी बाहरी सामाजिक नियम, कानून या अधिकार पर नहीं, बल्कि स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों पर आधारित होते हैं जो न्याय, मानवाधिकारों और आपसी सम्मान के सार्वभौमिक विचारों से निर्देशित होते हैं।
2. व्यक्ति कानून और व्यवस्था को परम सत्य मानता है और उसका मानना है कि समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर परिस्थिति में कानूनों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए, भले ही वे अन्यायपूर्ण क्यों न हों।
3. इस अवस्था में व्यक्ति अपनी अंतरात्मा (Conscience) की आवाज के प्रति उत्तरदायी होता है और यदि कोई सामाजिक कानून मानवीय गरिमा या सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध जाता है, तो वह ऐसे कानून का शांतिपूर्ण विरोध करने की नैतिक क्षमता रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी नहर प्रणाली 'पूर्वी यमुना नहर' (Eastern Yamuna Canal) है, जिसे 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में ब्रिटिश काल में यमुना नदी के दाहिने किनारे से निकाला गया था।
2. 'माताटीला बांध परियोजना' बेतवा नदी पर ललितपुर जिले में स्थित है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की एक संयुक्त परियोजना है और इसके जल का उपयोग सिंचाई तथा जलविद्युत उत्पादन दोनों के लिए किया जाता है.
3. उत्तर प्रदेश राज्य में देश का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थापित किया गया है, जिसकी पहली इकाई ने 1991 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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