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History of India
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अकबर ने किस वर्ष दक्षिण भारत में खानदेश (Khandesh) को मुगल साम्राज्य में मिलाया था?

Detailed Explanation

1601 में खानदेश को मुगल साम्राज्य में मिलाया गया।
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने एकेश्वरवाद का समर्थन किया और वेदों की अचूकता या अपौरुषेयता (Infallibility) के सिद्धांत को कभी स्वीकार नहीं किया। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को समस्त ज्ञान का स्रोत मानते हुए उनकी अपौरुषेयता को प्रतिपादित किया, किंतु उन्होंने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और अवतारवाद का खंडन किया। 3. बंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित 'प्रार्थना समाज' ने वेदों की सर्वोच्चता को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए सनातन धर्म की रूढ़ियों को मजबूत किया और विधवा पुनर्विवाह का कड़ा विरोध किया। 4. स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य वेदांत के संदेशों का प्रचार करना और व्यावहारिक वेदांत के माध्यम से मानव सेवा करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनके प्रारंभिक राजनीतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें 'अश्मक' एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी घाटी के दक्षिण में स्थित था। 2. वज्जी संघ आठ कुलों का एक संघ था, जिसमें 'लिच्छवी' कुल सबसे अधिक शक्तिशाली और प्रमुख था, तथा यहाँ राजतंत्रात्मक शासन प्रणाली के स्थान पर गणतांत्रिक (संघीय) व्यवस्था प्रचलित थी। 3. अंग महाजनपद की प्रारंभिक राजधानी चंपा थी, जो अपने समय का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था, और इसे मगध के शासक बिम्बिसार द्वारा पराजित कर मगध साम्राज्य में मिला लिया गया था। 4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी, जिसके प्रसिद्ध शासक उदयन थे, और बौद्ध ग्रंथों के अनुसार उदयन ने अपने प्रारंभिक जीवन में महात्मा बुद्ध के प्रभाव से बौद्ध धर्म को राजकीय धर्म घोषित कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु किस वर्ष हुई थी? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना और उसके नरम दल तथा गरम दल के वैचारिक संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के शुरुआती उदारवादी (नरम दल) नेताओं का यह विश्वास था कि ब्रिटिश शासन न्यायप्रिय है और वे ब्रिटिश संसद की उदारता तथा 'याचिका एवं प्रार्थना' की पद्धति के माध्यम से भारत में क्रमिक सुधार प्राप्त कर सकते हैं। 2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उग्रवादी (गरम दल) नेताओं—लाल, बाल और पाल—ने इस बात पर जोर दिया कि केवल प्रार्थनाओं से अधिकार नहीं मिलने वाले, इसलिए उन्होंने 'स्वदेशी' और 'बहिष्कार' के साथ-साथ 'passive resistance' (निष्क्रिय प्रतिरोध) को मुख्य राजनीतिक हथियार बनाया। 3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन अनिवार्य हो गया था, जहाँ नरमपंथियों ने रास बिहारी घोष को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जबकि गरमपंथी चाहते थे कि लाला लाजपत राय या बाल गंगाधर तिलक को अध्यक्ष बनाया जाए। 4. सूरत विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी नीतियों अपनाते हुए गरम दल के नेताओं को कुचल दिया, जिसके तहत बाल गंगाधर राय को गिरफ्तार कर मांडले जेल (बर्मा) भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने प्रसिद्ध ग्रंथ 'गीता रहस्य' की रचना की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 'नरम दल' और 'गरम दल' के वैचारिक दृष्टिकोण, कार्यप्रणाली और उनके ऐतिहासिक संघर्षों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नरमपंथी नेताओं का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर धीरे-धीरे संवैधानिक सुधार प्राप्त करना था, और वे अपनी प्रार्थना, प्रतिवेदन और शिष्टमंडल (Prayers, Petitions, and Protests) की नीति को 'राजनीतिक भिक्षावृत्ति' (Political Mendicancy) कहते थे। 2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उत्पन्न स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को पूरे देश में विस्तारित करने को लेकर नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच गहरा मतभेद था, जहाँ गरमपंथी इसे केवल बंगाल तक ही सीमित रखना चाहते थे जबकि नरमपंथी इसे पूरे देश में फैलाना चाहते थे। 3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन का मुख्य कारण अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उपजा विवाद था, जहाँ गरमपंथी लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जबकि नरमपंथियों ने रासबिहारी घोष को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित करा लिया था। 4. कांग्रेस के 1916 के लखनऊ अधिवेशन में ए. सी. मजूमदार की अध्यक्षता में नरम दल और गरम दल का पुनर्मिलन हुआ, तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ समझौता' (Lucknow Pact) संपन्न हुआ जिसके तहत कांग्रेस ने पहली बार लीग की पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग को अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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