त्वरित लिंक्स
History of India
18 views
किस इतिहासकार ने कहा है कि "अकबर ने सुंदर इमारतों की योजना बनाई और उन्हें पत्थर एवं गारे में साकार किया"?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विन्सेंट स्मिथ ने यह टिप्पणी की थी।
Related Questions
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश नीतियों में हुए आमूल-चूल परिवर्तनों और भारत सरकार अधिनियम 1858 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया तथा भारत के शासन का पूर्ण नियंत्रण सीधे ब्रिटिश क्राउन के अंतर्गत 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) को सौंप दिया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया।
2. इलाहाबाद दरबार में 1 नवंबर 1858 को महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा को गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया, जिसमें यह गारंटी दी गई कि ब्रिटिश सरकार अब भविष्य में किसी भी देशी रियासत का विलय नहीं करेगी और गोद लेने के अधिकार (दत्तक पुत्र) को मान्यता दी जाएगी।
3. महारानी की घोषणा में यह स्पष्ट किया गया कि भारतीय प्रजा के साथ नस्ल, धर्म, जाति या जन्मस्थान के आधार पर सरकारी सेवाओं में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी योग्य भारतीयों को उच्च पदों पर नियुक्ति में पूर्ण अवसर दिए जाएंगे।
4. विद्रोह के तुरंत पश्चात सेना के पुनर्गठन के तहत ब्रिटिश सैनिकों और भारतीय सैनिकों के अनुपात में भारी वृद्धि की गई, तथा बंगाल की सेना में उच्च जातियों (ब्राह्मणों और राजपूतों) के सैनिकों का वर्चस्व बढ़ाकर सिख, गोरखा और पठानों की संख्या को लगभग शून्य कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
झलकी की संधि (1752) पेशवा और किसके बीच हुई थी?
→
दिल्ली में 1857 के विद्रोह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ से आए विद्रोही सैनिकों द्वारा दिल्ली पर कब्जा करने के पश्चात, अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था।
2. दिल्ली में वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण 'कोर्ट ऑफ़ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के पास था, तथा सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक और नाममात्र के प्रमुख तक सीमित थी।
3. सितम्बर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुन: अधिकार करने के उपरांत, ब्रिटिश अधिकारी विलियम हडसन ने बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया और उनके पुत्रों की सरेआम हत्या कर दी, जिसके बाद जफर को रंगून निर्वासित कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गयासुद्दीन तुगलक के शासनकाल में डाक व्यवस्था (Post System) कैसी थी?
→
दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व, प्रशासनिक संरचना और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के सैनिकों द्वारा 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद, अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया, जिससे इस सिपाही विद्रोह को एक अखिल भारतीय वैधानिकता प्राप्त हुई।
2. सम्राट बहादुर शाह जफर की वृद्धावस्था और राजनीतिक अक्षमता के कारण वास्तविक सैन्य शक्ति और निर्णय लेने का अधिकार 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की परिषद) के पास था, जिसका नेतृत्व बरेली से आए जनरल बख्त खान ने किया था।
3. दिल्ली में विद्रोह के दमन के दौरान ब्रिटिश सेनापति जॉन निकलसन मारा गया, किंतु अंततः हडसन के नेतृत्व में अंग्रेजों ने सितंबर 1857 में दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया और बहादुर शाह जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया।
4. दिल्ली पर पुनः अधिकार करने के पश्चात ब्रिटिश सेना ने केवल सैन्य विद्रोहियों और उनके नेताओं को ही दंडित किया, जबकि नगर के सामान्य नागरिकों, व्यापारियों और मुगल शाही परिवार के अन्य सदस्यों को पूर्ण आम माफी (Amnesty) दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.