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History of India
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अकबर ने 1582 ई. में किस नए धर्म या आचार संहिता की घोषणा की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1582 ई. में दीन-ए-इलाही की घोषणा की गई।
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फिरोज शाह तुगलक ने "दीवान-ए-इस्तिहाक" विभाग की स्थापना किस उद्देश्य से की थी?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की प्रशासनिक, सैन्य और सांस्कृतिक प्रणालियों के निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) ने वातापी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय को पराजित करके 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी और महाबलीपुरम में प्रसिद्ध रथ मंदिरों (मोनोलिथिक सप्तपगोडा) का निर्माण करवाया था।
2. बादामी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय और हर्षवर्धन के बीच नर्मदा नदी के तट पर हुए ऐतिहासिक युद्ध का सजीव एवं विस्तृत विवरण जैन कवि रविकीर्ति द्वारा रचित 'ऐहोल प्रशस्ति' में प्राप्त होता है, जिसमें हर्षवर्धन की पराजय का उल्लेख है।
3. चोल राजवंश की स्थानीय स्वशासन प्रणाली, जो विशेष रूप से 'उत्तरमेरूर शिलालेखों' (पारांतक चोल के काल के) से ज्ञात होती है, में ग्राम सभाओं (सभा या महासभा) के सदस्यों के चयन के लिए 'कुरावै' नामक गुप्त मतदान (लॉटरी सिस्टम) पद्धति का प्रयोग किया जाता था।
4. हर्ष के शासनकाल में नालंदा विश्वविद्यालय की यात्रा करने वाले चीनी यात्री ह्वेनसांग ने यह उल्लेख किया है कि हर्ष के प्रशासन में राज्य की आय का एक बड़ा हिस्सा चार भागों में विभाजित था, जिसमें धार्मिक कार्यों और मंत्रियों के वेतन के लिए क्रमशः एक-चौथाई अंश निर्धारित था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोह के संचालन और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के विद्रोही सैनिकों के 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद, मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, किंतु विद्रोहियों द्वारा 'शहिंशाह-ए-हिंदुस्तान' (भारत का सम्राट) घोषित कर दिया गया था।
2. दिल्ली में विद्रोहियों की प्रशासनिक, सैन्य और वित्तीय व्यवस्था के संचालन के लिए एक 'कोर्ट ऑफ सोल्जर' (सैनिक परिषद) का गठन किया गया था, जिसमें लिए जाने वाले निर्णयों में सम्राट की व्यक्तिगत इच्छाओं या शाही आदेशों को अक्सर सर्वोपरि रखा जाता था।
3. दिल्ली की पुनः प्राप्ति के लिए अंग्रेजों द्वारा चलाए गए निर्णायक सैन्य अभियान का नेतृत्व जनरल जॉन निकलसन ने किया था, तथा कश्मीरी गेट पर आक्रमण के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
4. दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के बाद ब्रिटिश अधिकारी लेफ्टिनेंट हडसन ने हुमायूं के मकबरे से बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके पुत्रों व पोते को सरेआम गोली से उड़ा दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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खिलजी काल में "आमिल" का क्या कार्य था?
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उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके संस्थापकों/संस्थाओं के वैचारिक दृष्टिकोण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और सती प्रथा का कड़ा विरोध करते हुए एकेश्वरवाद की वकालत की, किंतु उन्होंने पाश्चात्य शिक्षा और विज्ञान के प्रसार का पुरजोर विरोध करते हुए केवल प्राचीन भारतीय वैदिक शिक्षा प्रणाली का ही समर्थन किया था।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और छुआछूत तथा जाति व्यवस्था की कठोरता को खारिज करते हुए हिंदू समाज में घर-वापसी के लिए 'शुद्धि आंदोलन' का प्रारंभ किया था।
3. केशव चंद्र सेन के नेतृत्व में ब्रह्म समाज के भीतर हुए वैचारिक मतभेदों के फलस्वरूप वर्ष 1866 में 'साधारण ब्रह्म समाज' का गठन हुआ, जिसने बाल विवाह और बहुविवाह के विरुद्ध कानूनी संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
4. प्रार्थना समाज (1867) के संस्थापकों में आत्माराम पांडुरंग के साथ-साथ महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर प्रमुख रूप से शामिल थे, जिन्होंने मुख्य रूप से अंतर-जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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