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History of India
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अकबर ने सभी धर्मों के विद्वानों से चर्चा करने के लिए 1575 ई. में किसका निर्माण करवाया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1575 ई. में इबादतखाना बना।
Related Questions
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक इतिहास और विभिन्न सुल्तानों द्वारा स्थापित नवीन विभागों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दीवान-ए-कोही - मुहम्मद बिन तुगलक (कृषि विभाग)
2. दीवान-ए-अर्ज - अलाउद्दीन खिलजी (सैन्य विभाग)
3. दीवान-ए-बदगान - फ़िरोज़ शाह तुगलक (दास विभाग)
4. दीवान-ए-मुस्तखराज - बलबन (राजस्व बकाया वसूली विभाग)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, मनसबदारी प्रथा और केंद्रीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर द्वारा प्रशासनिक सुधारों के तहत शुरू की गई 'मनसबदारी प्रथा' पूरी तरह आनुवंशिक थी, जिसमें एक मनसबदार की मृत्यु के पश्चात उसके पद और जागीर का अधिकार स्वतः उसके ज्येष्ठ पुत्र को हस्तांतरित हो जाता था।
2. जहाँगाड़ी काल में मनसबदारी व्यवस्था में 'दुस्पा-सिंहस्पा' (दो और तीन घोड़े वाले) प्रणाली की शुरुआत की गई थी, जिसके माध्यम से बिना जात मनसब बढ़ाए सैनिकों की संख्या में वृद्धि की जाती थी।
3. शाहजहाँ के शासनकाल में मनसबदारी और जागीरदारी व्यवस्था में गंभीर संकट (जागीर संकट) उत्पन्न हो गया था, क्योंकि उपलब्ध खालसा भूमि और जागीर के रूप में वितरित भूमि के अनुपात में अंतर आ जाने के कारण जागीरदारों को पर्याप्त आय प्राप्त नहीं हो पा रही थी।
4. औरंगजेब के शासनकाल में मराठा सरदारों को मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र से जोड़ने के लिए मनसबदारी व्यवस्था में 'माहवार' (ماهوار - मासिक वेतन) प्रणाली को समाप्त कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और प्रमुख संगठनों (विशेषकर गदर पार्टी, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन और चटगांव शस्त्रागार लूट) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भखना द्वारा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'गदर पार्टी' ने 'ग़दर दी गूँज' नामक साप्ताहिक पत्र के माध्यम से औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैचारिक और सशस्त्र संघर्ष का संदेश फैलाया, जिसका मुख्य मुखपत्र 'द गदर' उर्दू और गुरुमुखी के अलावा गुजराती और पश्तो में भी प्रकाशित होता था।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में गठित 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) ने समाजवाद को अपने घोषणापत्र का मुख्य आधार बनाया और भगत सिंह के आग्रह पर इसमें 'सोशलिस्ट' शब्द जोड़ा गया।
3. अप्रैल 1930 में सूर्य सेन (मास्टर दा) के नेतृत्व में 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' (चटगांव शाखा) द्वारा किए गए चटगांव शस्त्रागार आक्रमण में भाग लेने वाली क्रांतिकारी महिलाओं में प्रीतिलता वाडेदार और कल्पना दत्त प्रमुख थीं, जिन्होंने शस्त्रागार पर कब्जा करने के बाद अस्थायी क्रांतिकारी सरकार की घोषणा की थी।
4. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में फेंके गए बमों का मुख्य उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं था, बल्कि 'बहरेकानों को अपनी बात सुनाना' तथा ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल जैसे दमनकारी कानूनों के विरोध में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने गिरफ्तारी भी स्वेच्छा से दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के पल्लव, चालुक्य एवं चोल राजवंशों के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के कन्नौज सभा के दौरान महायान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार को प्रमुखता दी गई थी, तथा ह्वेनसांग ने इस बात का उल्लेख किया है कि इस सभा की अध्यक्षता स्वयं हर्षवर्धन ने की थी और इसमें विभिन्न संप्रदायों के विद्वानों ने भाग लिया था।
2. पल्लव शासक महेन्द्रवर्मन प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बावजूद संत अप्पर (थिरुनुनावुक्करासर) के प्रभाव में आकर शैव धर्म स्वीकार किया था, तथा उसने त्रिचिरापल्ली और महाबलीपुरम में कई प्रसिद्ध चट्टानों को काटकर मंदिर (रैंक-कट टेम्पल) बनवाए।
3. चालुक्य सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक विजय का विस्तृत विवरण कांचीपुरम के मुक्तेश्वर मंदिर के अभिलेख में मिलता है, जिसे रविचर्ति द्वारा रचित किया गया था।
4. तंजावुर के प्रसिद्ध राजराजेश्वर (बृहदेश्वर) मंदिर का निर्माण राजराज चोल प्रथम के शासनकाल में हुआ था, जो द्रविड़ वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है और इसके शिखर पर स्थित विशाल कलश को एक ही पाषाण खंड को तराशकर बनाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा प्रशासन में "चौथ" और "सरदेशमुखी" का मुख्य उद्देश्य क्या था?
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