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History of India
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अकबर ने टोडरमल को "दीवान-ए-अश़रफ" का पद किस वर्ष दिया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1580 ई. में यह पद दिया गया।
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अकबर की मृत्यु के बाद सम्राट:
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मुगलकालीन प्रशासनिक और भू-राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा लागू की गई 'दहसाला' (जब्ती) प्रणाली के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और औसत मूल्यों का आकलन कर मालगुजारी निश्चित की जाती थी, जिसमें 'पलाज' वह भूमि थी जिस पर वर्ष में दो बार लगातार फसलें उगाई जाती थीं और इसे कभी भी खाली नहीं छोड़ा जाता था।
2. जहांगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था में 'दो-अस्पा और सिह-अस्पा' प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके तहत मनसबदारों को अपने मूल घोड़ों की संख्या में बिना किसी वृद्धि के दोगुने या तिगुने घोड़े रखने पड़ते थे और इसका अतिरिक्त भत्ता दिया जाता था।
3. शाहजहां के काल में भू-राजस्व की वसूली के लिए 'महतब' और 'महरमा' जैसी नई प्रणालियों को अनिवार्य किया गया, तथा इज्ठेदारी (ठेके पर राजस्व वसूलने की प्रथा) को मुगल साम्राज्य के सभी प्रांतों में पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया था।
4. औरंगजेब के शासनकाल में जारी किए गए प्रसिद्ध फरमान के अनुसार जागीरदारों पर यह प्रतिबंध लगा दिया गया कि वे किसानों से निर्धारित 'लगान' के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का अवैध उपकर (आवाब) या अतिरिक्त कर नहीं वसूल सकते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी में घटी घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों में भारी धार्मिक असंतोष पैदा कर दिया, क्योंकि इसे उनकी जाति और धर्म भ्रष्ट करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र माना गया।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध कड़ा विरोध जताते हुए अपने यूरोपीय अधिकारी लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
3. मंगल पांडे को फांसी दिए जाने की घटना के तुरंत बाद बैरकपुर छावनी के समस्त सैनिकों ने अंग्रेजों के विरुद्ध खुला विद्रोह कर दिया और उसी दिन संपूर्ण दिल्ली पर अधिकार करने के लिए मार्च शुरू कर दिया था।
4. चर्बी वाले कारतूसों के कारखाने मुख्य रूप से दमदम, सियालकोट और अंबाला में स्थित थे, जहाँ सैनिकों को इन नए कारतूसों को इस्तेमाल करने से अनिवार्य रूप से छूट दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी के साथ-साथ अवध का भी विलय कर लिया गया था, जिससे रियासतों के शासकों में गहरा असंतोष फैला।
2. नाना साहेब को पेशवा बाजीराव द्वितीय का दत्तक पुत्र होने के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा उनके पिता की राजसी पेंशन से वंचित कर दिया गया था, जिससे वे विद्रोह में शामिल होने के लिए विवश हुए।
3. वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेना सेवा अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए समुद्र पार (Overseas) जाकर सेवा करना अनिवार्य कर दिया गया था, जिसे पारंपरिक हिंदू समाज में धर्मभ्रष्टकारी माना गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के पश्चात ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' के परिणामों एवं प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया तथा ब्रिटिश ताज (Crown) ने प्रत्यक्ष नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जिसके तहत ब्रिटिश मंत्रिमंडल में एक नए पद 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का सृजन किया गया जो ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी था।
2. क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (जो इलाहाबाद में 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई थी) में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार अब भारतीय राज्यों के विस्तार की नीति को त्याग देगी और देसी रियासतों के साथ किए गए संधियों व समझौतों का सम्मान करते हुए उन्हें 'दत्तक पुत्र' (गोद लेने) की अनुमति प्रदान की जाएगी।
3. इस घोषणा में धार्मिक और सामाजिक मामलों में अहस्तक्षेप की नीति अपनाने का वचन दिया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि भारत में सेना का पुनर्गठन करते हुए यूरोपीय सैनिकों का अनुपात कम किया जाएगा और भारतीय सैनिकों की बहुलता वाले उच्च सैन्य दस्तों को और अधिक शक्तिशाली बनाया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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