BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
11 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की समयावधि क्या है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' 7 वर्ष से 11 वर्ष की आयु तक होती है, जिसमें बच्चा तार्किक रूप से मूर्त वस्तुओं के बारे में सोचना शुरू कर देता है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक विभाजन के संदर्भ में, राज्य का कौन सा क्षेत्र प्राचीनतम 'अरावली पर्वतमाला' के अवशेषों और प्रायद्वीपीय पठार के उत्तरward विस्तार से निर्मित है, जहाँ मुख्य रूप से लाल मृदा, ग्रेनाइट और नीस चट्टानें पाई जाती हैं? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया चलाई जा सकती है? → उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणालियों के संदर्भ में, 'गंगा-यमुना दोआब' क्षेत्र में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा (Khadar Soil) और इसकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खादर मृदा को स्थानीय भाषा में 'नयी जलोढ़' या 'कच्छ' मृदा भी कहा जाता है, जिसका निर्माण प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दौरान नदियों द्वारा लाई जाने वाली नई उपजाऊ गाद (Silt) के निक्षेपण से होता है। 2. इस मृदा में चूने, पोटाश और मैग्नीशियम की प्रचुरता पाई जाती है, जबकि इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस (Humus) की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है, जिसके कारण इसमें धान, गेहूँ और गन्ने की फसलें अत्यधिक मात्रा में पैदा होती हैं। 3. यह मृदा उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्रों (जैसे झाँसी, महोबा और ललितपुर) में सबसे अधिक क्षेत्रफल में विस्तृत है, जहाँ यह कठोर चट्टानों के अपक्षय (Weathering) के परिणामस्वरूप बनती है और इसमें जल धारण करने की क्षमता शून्य होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु प्रदेशों और अपरदन की समस्याओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और राज्य के दक्षिणी बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Maar) मृदा मुख्य रूप से एक प्रकार की काली चिकनी मिट्टी है, जो सूखने पर कठोर हो जाती है और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें पड़ जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश में 'अवलिका अपरदन' (Gully Erosion) या बीहड़ समस्या से सबसे अधिक प्रभावित जिला इटावा है, जहाँ चंबल और यमुना नदियों के प्रवाह क्षेत्र में गहरे खड्डों का निर्माण हुआ है। 3. राज्य के तराई और भाभर क्षेत्रों में पाई जाने वाली मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस (Humus) की भारी कमी होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त माना जाता है। 4. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी जिलों में अत्यधिक सिंचाई और नलकूपों के प्रयोग के कारण भू-जल स्तर नीचे गिरने के साथ-साथ मृदा में 'लवणता' (Salinity) और 'क्षारता' (Alkalinity) की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसे स्थानीय भाषा में 'ऊसर' या 'कल्लर' भूमि कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्प्रैक्सिया (Dyspraxia - विकासात्मक समन्वय विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, एरिक्सन और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'मोटर कोआर्डिनेशन एंड प्लानिंग हाइपोथेसिस' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सेरिबैलम' (Cerebellum), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia) और 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) के बीच संवेदी-प्रेरक एकीकरण (Sensorimotor Integration), मोटर योजना (Motor Planning) और गति नियंत्रण की सक्रियण विसंगति, तथा एलिजाबेथ टाउनसेंड (Elizabeth Townsend) द्वारा प्रतिपादित 'ऑक्यूपेशनल परफॉरमेंस मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अर्गोनॉमिक और सेंसरी-इंटीग्रेशन शिक्षाशास्त्र (Sensory-Integration Pedagogy) और विद्यार्थियों में ठीक मोटर कौशल, द्विपक्षीय समन्वय (Bilateral Coordination) व समग्र शारीरिक-स्थानिक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.