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वायगोत्스키 के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'ZPD' का पूर्ण रूप (Full Form) निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत में 'ZPD' का पूर्ण रूप 'Zone of Proximal Development' (समीपस्थ विकास का क्षेत्र) है।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 'मौलिक कर्तव्यों' (Fundamental Duties) को शामिल किया गया है?
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, इतिहास और सांस्कृतिक संस्थानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' (SCERT, उत्तर प्रदेश) की स्थापना वर्ष 1981 में लखनऊ में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा-पूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना तथा पाठ्यक्रम का विकास करना है।
2. भारतीय शिक्षा के इतिहास में 'वुड का डिस्पैच' (Wood's Despatch, 1854) को 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, जिसकी संस्तुति के आधार पर ही वर्ष 1887 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) की स्थापना की गई थी जो उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
3. उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने तथा गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 'उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम' वर्ष 1972 में पारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 'बेसिक शिक्षा परिषद' का गठन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) और उसके ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जो सूर्य से उत्पादकों (Producers) की ओर और फिर विभिन्न उपभोक्ता स्तरों (Consumers) से होता हुआ अंततः ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में अपव्यय हो जाता है और यह कभी भी चक्रीय (Cyclic) नहीं होता।
2. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत का नियम' (Lindeman's 10% Law) यह बताता है कि जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो प्रत्येक अगले स्तर पर केवल पिछले स्तर की कुल ऊर्जा का 10 प्रतिशत भाग ही संचित हो पाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, चयापचय और ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
3. पारिस्थितिक तंत्र में पोषक तत्वों (Nutrients जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस आदि) का प्रवाह ऊर्जा के विपरीत 'एकदिशीय' होता है, जो जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के माध्यम से एक बार पर्यावरण से जीवों में और फिर जीवों से पुनः पर्यावरण में चक्रीय रूप में संचालित होता रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार लगभग 23°52' उत्तरी अक्षांश से 30°24' उत्तरी अक्षांश तक है, जिसके कारण राज्य के दक्षिणी भाग में उष्णकटिबंधीय (Tropical) प्रकार की जलवायु पाई जाती है, जबकि उत्तरी पर्वतीय तराई क्षेत्रों में उपोष्णकटिबंधीय जलवायु का प्रभाव रहता है।
2. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) की बंगाल की खाड़ी की शाखा से होती है, जिससे राज्य के पूर्वी और तराई जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की जाती है, जबकि पश्चिम की ओर बढ़ने पर वर्षा की मात्रा कम होती जाती है।
3. राज्य की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, गोमती और घाघरा सभी बारहमासी (Perennial) हैं, जिनका उद्गम मुख्य रूप से हिमालय के ग्लेशियरों से होता है, और ये दक्षिण की ओर बहते हुए अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
4. उत्तर प्रदेश की जलवायु को मुख्य रूप से 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी' (Tropical Monsoon) प्रकार की जलवायु माना जाता है, जिसमें ग्रीष्मकाल अत्यधिक गर्म, वर्षाकाल मानसूनी और शीतकाल शुष्क व ठंडा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और फसल वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि-जलवायु की दृष्टि से कुल 9 विशिष्ट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार की मृदा और वर्षा के पैटर्न के आधार पर फसलों का निर्धारण होता है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ अत्यधिक चिकनी और मटियार प्रकार की होती हैं, जिनमें जल धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और सूखने पर इनमें चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य के तराई क्षेत्र में मिलने वाली 'भाबर' पट्टी बहुत अधिक उपजाऊ होती है, जहाँ वर्ष भर अत्यधिक जलभराव रहने के कारण धान की खेती की सघन प्रणाली विकसित हुई है और कंकड़-पत्थर बिल्कुल नहीं पाए जाते हैं।
4. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) पाई जाती है, जो गंगा और यमुना नदियों के निक्षेपों से निर्मित है और यह राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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