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History of India
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बहमनी साम्राज्य के पतन का एक मुख्य कारण आंतरिक गुटबाजी थी, इसमें "अफाकी" किन्हें कहा जाता था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अफाकी विदेशी मूल के मुसलमानों को कहा जाता था जो दक्कनी मुसलमानों से अलग गुट थे।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और इलाहाबाद दरबार में प्रस्तुत 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' के प्रावधानों तथा प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का प्रत्यक्ष शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (साम्राज्य) के अधीन कर दिया गया, जिसके साथ ही 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की पुरानी प्रणाली का अंत करके 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के पद का सृजन किया गया।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार अब भारतीय राज्यों के विलय की अपनी विस्तारवादी नीतियों (जैसे व्यपगत सिद्धांत) को त्यागती है, देसी राजाओं के दत्तक पुत्र लेने के अधिकारों को मान्यता देती है और भविष्य में किसी भी नए क्षेत्र का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
3. घोषणा पत्र में यह आश्वासन दिया गया कि भारत के लोगों के पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक विश्वासों का पूर्ण सम्मान किया जाएगा, तथा सरकारी नौकरियों में प्रवेश और पदोन्नति के दौरान नस्ल, रंग या जन्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
4. विद्रोह के दौरान अवध क्षेत्र के तालुकदारों और बड़े भूस्वामियों द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किए जाने के कारण, ब्रिटिश प्रशासन ने उनकी सभी भू-संपत्तियों को हमेशा के लिए जब्त कर लिया और उन्हें किसी भी प्रकार का कानूनी स्वामित्व वापस नहीं दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के आर्थिक, प्रशासनिक तथा धार्मिक परिवर्तनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में रोमन साम्राज्य के साथ भारी मात्रा में विदेशी व्यापार (इंडो-रोमन ट्रेड) के कारण उत्तर भारत में सोने के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर हुआ, जबकि गुप्त काल में सम्राटों द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्के (दीनार) शुद्धता और कलात्मकता के मामले में कुषाणों के सिक्कों की तुलना में अत्यंत उत्कृष्ट और भारी मात्रा में थे।
2. गुप्त काल में 'भूमि अनुदान' (Land Grants) की प्रथा धार्मिक और प्रशासनिक अधिकारियों को बड़े पैमाने पर दी जाने लगी, जिसके परिणामस्वरूप सामंतवाद (Feudalism) के बीज अंकुरित हुए और स्थानीय स्तर पर किसानों पर प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर होने के साथ-साथ उनकी स्थिति उप-कृषकों या अर्ध-दासों जैसी हो गई।
3. सातवाहन वंश (मौर्योत्तर काल) ने शीशे (Lead), तांबे और कांसे के सिक्कों का सबसे अधिक प्रचलन किया, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे गुप्त काल में और अधिक विस्तार मिला।
4. गुप्त काल में भारत का विदेशी व्यापार सभी दिशाओं में निरंतर फलता-फूलता रहा और इस काल के अंतिम चरण तक रोम (बाइज़ेंटाइन साम्राज्य) के साथ व्यापारिक संबंध अपने ऐतिहासिक सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गए थे, जिसके कारण पश्चिमी बंदरगाहों (जैसे भृगुकच्छ या ब्रोच) पर भारतीय व्यापारियों का पूर्ण एकाधिकार बना रहा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और प्रारंभिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत आने वाला पहला पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा वर्ष 1498 में कालीकट पहुँचा था, जहाँ स्थानीय शासक 'जमूरिन' ने पारंपरिक व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों (अरब व्यापारियों) के विरोध के बावजूद उसका स्वागत किया था।
2. पुर्तगालियों ने भारत में अपनी प्रारंभिक सत्ता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 1505 में फ्रांसिस्को डी अल्मेडा को भारत का प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनाकर भेजा, जिसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) की शुरुआत की ताकि हिंद महासागर के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित किया जा सके।
3. भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क को माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगाली मुख्यालय बनाया और भारतीयों के साथ वैवाहिक संबंधों को प्रोत्साहित कर सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था।
4. ब्रिटिश ईस्ट India कंपनी ने भारत में अपनी पहली स्थायी व्यावसायिक फैक्ट्री की स्थापना सूरत में वर्ष 1613 में जहांगीर के फरमान से की थी, जबकि इससे पूर्व वर्ष 1611 में उन्होंने मुसूलीपट्नम (मछलीपट्टनम) में अपनी प्रथम फैक्ट्री स्थापित कर ली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मुगल प्रशासन में "वजीर" या "दीवान-ए-आला" मुख्य रूप से किस विभाग का अध्यक्ष होता था?
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