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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की अवधि लगभग 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।
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जीन पियाजे के अनुसार 'अमूर्त चिंतन' और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' की क्षमता किस अवस्था में विकसित होती है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बखिरा पक्षी विहार' (Bakhira Bird Sanctuary) संत कबीर नगर जिले में स्थित है, जो एक प्राकृतिक झील (बखिरा ताल) पर फैला है और इसे वर्ष 2022 में 'रामसर साइट' (Ramsar Site) के रूप में मान्यता दी गई है।
2. 'लाख बहोसी पक्षी विहार' (Lakh Bahosi Bird Sanctuary) कन्नौज जिले में स्थित है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है, जो सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल बनता है।
3. 'सुराहा ताल पक्षी विहार' (Suraha Tal Bird Sanctuary), जिसे अब 'जय प्रकाश नारायण पक्षी विहार' के नाम से जाना जाता है, बलिया जिले में स्थित है और यह साइबेरियाई क्रेन तथा अन्य जलपक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
4. 'ओखला पक्षी विहार' (Okhla Bird Sanctuary) गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद की सीमा पर यमुना नदी के किनारे स्थित है, जहाँ पक्षियों की कई लुप्तप्राय और प्रवासी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) और वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांतों के शैक्षणिक अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे 'सक्रिय ज्ञान निर्माता' (Active Knowledge Builders) होते हैं जो अपनी भौतिक दुनिया के साथ अंतःक्रिया करके अपने स्कीमा (Schema) का निर्माण और संशोधन करते हैं, इसलिए समावेशी कक्षाओं में विशेष आवश्यकता वाले बालकों के लिए संवेदी-गामक और मूर्त अनुभवों पर आधारित शिक्षण सामग्रियां प्रदान करना आवश्यक है।
2. लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि उच्च मानसिक प्रक्रियाओं का विकास सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'चान्द्रोण या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणाएं समावेशी विद्यालयों में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और सहकर्मी शिक्षण (Peer Tutoring) का आधार बनती हैं।
3. पियाजे और वाइगोत्स्की दोनों ही अधिगम को बाहरी पर्यावरणीय उद्दीपकों और पुनर्बलन (Reinforcement) का परिणाम मानते हैं, तथा दोनों का यह दृढ़ विश्वास था कि बच्चों के मानसिक विकास में भाषा की कोई महत्वपूर्ण विकासात्मक भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा बताए गए तीन स्तरों और उनके अंतर्गत छह चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जो 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) के स्तर के अंतर्गत आता है, जिसमें व्यक्ति कानून और सामाजिक व्यवस्था से ऊपर उठकर अपने स्वयं के विवेक, सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों और मानवीय अधिकारों (जैसे न्याय, समानता और आपसी सम्मान) के आधार पर सही या गलत का निर्णय करता है, भले ही वे नियम समाज या कानून के विपरीत क्यों न हों?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों (Thermal Power Plants) और जल विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना तापीय विद्युत संयंत्र 'हरदुअगंज तापीय विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में की गई थी।
2. सोनभद्र जिले का 'ओबरा' क्षेत्र तापीय और जल विद्युत दोनों प्रकार की ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ रिहंद नदी पर 'रिहंद बांध परियोजना' स्थित है जो राज्य की एक प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एकमात्र परमाणु विद्युत संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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