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UPTET
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बुद्ध ने अपना पहला उपदेश निम्नलिखित में से किस स्थान पर दिया था?

Detailed Explanation

महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् अपना पहला उपदेश सारनाथ में पाँच ब्राह्मण शिष्यों को दिया था, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धर्मचक्रप्रवर्तन' कहा गया है।
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→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों की आवश्यकता (Inclusive Education and Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय मॉडल (Ecological Model of Special Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सामाजिक मस्तिष्क नेटवर्क' (Social Brain Network—जिसमें 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (STS), 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' और 'टेम्पोरोपैराइटल जंक्शन' शामिल हैं) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्कृतियों, साथियों के साथ अंतःक्रियाओं और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा उ्री ब्रोंफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) और विद्यार्थियों में सामाजिक-भावनिक लचीलेपन व तदनुभूतिपूर्ण व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और नैतिक तार्किकता के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं तथा कैरोल गिलगन (Carol Gilligan) द्वारा उस पर की गई आलोचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social contract and individual rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले सामाजिक समझौते होने चाहिए, न कि अनम्य आदेश। 2. कैरोल गिलगन ने कोहलबर्ग के सिद्धांत की इस आधार पर तीखी आलोचना की कि कोहलबर्ग के शोध का नमूना मुख्य रूप से पुरुषों और लड़कों पर आधारित था, जिसके कारण उनके सिद्धांत में न्याय और अधिकारों के नैतिकता को प्राथमिकता दी गई, जबकि महिलाओं में पाई जाने वाली 'देखभाल और जिम्मेदारी की नैतिकता' (Ethics of care and responsibility) की उपेक्षा की गई। 3. कोहलबर्ग के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good boy-good girl orientation) में बच्चा किसी कार्य का नैतिक मूल्य उस कार्य के परिणाम स्वरूप मिलने वाले शारीरिक दंड या पुरस्कार के आधार पर तय करता है, न कि सामाजिक अनुमोदन या दूसरों की अपेक्षाओं के आधार पर। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संसाधनों, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जल विद्युत उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में तापीय विद्युत (Thermal Power) का उत्पादन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जिसके अंतर्गत सिंगरौली, अनपरा, हरदुएगंज और ओबरा प्रमुख तापीय विद्युत केंद्र हैं। 2. रिहंद बाँध परियोजना, जो कि सोन नदी की सहायक नदी रिहंद पर सोनभद्र जिले में बनाई गई है, उत्तर प्रदेश की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है और इसी के पीछे बने कृत्रिम जलाशय को 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' कहा जाता है। 3. राज्य में गंगा नदी पर बने नरोरा (बुलंदशहर) परमाणु ऊर्जा संयंत्र से पूर्णतः जल विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश का इकलौता परमाणु ऊर्जा केंद्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के 'औद्योगिक विकास, प्रमुख संस्थानों और भौगोलिक विशेषताओं' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के नोएडा (NOADA) में देश का पहला 'इको-टेक पार्क' (Eco-Tech Park) स्थापित किया गया है, तथा कानपुर को 'उत्तर भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है, जहाँ चमड़ा उद्योग और वस्त्र उद्योग का संकेंद्रण सबसे अधिक है। 2. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित 'गीता प्रेस' दुनिया की सबसे बड़ी हिंदू धार्मिक पुस्तकों की प्रकाशक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1923 में जयदयाल गोयंका और हनुमान प्रसाद पोद्दार द्वारा की गई थी। 3. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 'औद्योगिक नगरी' के रूप में 'इलेक्ट्रॉनिक सिटी' की स्थापना की जा रही है, जबकि खेलकूद के सामान (Sports Goods) के निर्माण के लिए मेरठ और आगरा दोनों को संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेष रूप से अमिगडाला और न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन, डोपामाइनर्जिक रिवार्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway) और उच्च-स्तरीय आत्म-सिद्धि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, आंतरिक अभिप्रेरणा-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Intrinsic Motivation-based Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में भावनात्मक सुरक्षा, संज्ञानात्मक सहभागिता व समग्र अधिगम दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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