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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की आयु सीमा निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष से वयस्कता (यानी 11 वर्ष से ऊपर) तक की होती है, जिसमें किशोरों में अमूर्त चिंतन की क्षमता विकसित होती है।
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, विधानसभा गठन और प्रमुख विधायी पदों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) में वर्ष 1937 में गठित पहली लोकप्रिय मंत्रिमंडल सरकार के प्रधानमंत्री (तत्कालीन मुख्यमंत्री पद का नाम) के रूप में 'गोविन्द वल्लभ पंत' ने कार्यभार संभाला था, जो बाद में राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी बने।
2. स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश की विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष (Speaker) होने का गौरव 'श्रीमती सुचेता कृपलानी' को प्राप्त है, जिन्होंने राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में भी इतिहास रचा था।
3. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council), जो कि राज्य का उच्च सदन है, के पहले सभापति (Chairman) के रूप में 'श्री सरन बहादुर सक्सेना' ने कार्य किया था, और यह देश के सबसे बड़े द्विसदनीय विधानमंडलों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदाओं और उनके क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाट' (Bhat) मृदाओं में से 'मार' मृदा एक चिकनी, काले रंग की अत्यंत उपजाऊ मिट्टी है, जो नमी सोखने पर अत्यधिक चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भाट' मृदा मूल रूप से चूनरयुक्त और हल्की दोमट मृदा है, जो गन्ने और धान की कृषि के लिए बहुत उपयुक्त मानी जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'बांगर' (Bangar) कहा जाता है, जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट की ग्रंथियाँ (कंकड़) पाई जाती हैं और यह खादर मृदा की तुलना में कम उपजाऊ होती है क्योंकि यहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का नया जल नहीं पहुँच पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा और विचार' (Language and Thought) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंवादी वाक् से सामाजिक वाक् की ओर संक्रमण' (Egocentric to Socialized Speech) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच भाषाई प्रतिनिधित्व, आंतरिक वाक् (Inner Speech) विकास, और संज्ञानात्मक परिपक्वता की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक वाक् सिद्धांत' (Social Speech, Private Speech, and Inner Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमन (Self-Regulation), वैचारिक आंतरिकरण (Conceptual Internalization) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और प्रमुख कृषि प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड (दक्षिणी पठारी) क्षेत्र में पाई जाने वाली 'परुवा' (Paruwa) मृदा हल्की बलुई-दोमट प्रकृति की होती है, जबकि 'राढ़' (Raad) या 'भोंटा' (Bhonta) मृदा मुख्य रूप से कंकरीली और पथरीली होती है जो कृषि के लिए कम उपजाऊ मानी जाती है।
2. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्र में 'भाभर' और 'तराई' पट्टियों का विस्तार सबसे अधिक चौड़ा है, जहाँ मिट्टी में अत्यधिक नमी और उपजाऊपन के कारण बड़े पैमाने पर चाय के बागान और रबर के पौधों की व्यावसायिक खेती की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश की कृषि नीति के अंतर्गत 'मध्य मैदानी क्षेत्र' (Central Plain Zone) में गेहूँ और धान के फसल चक्र के साथ-साथ आलू और सब्जियों की सघन खेती को बढ़ावा दिया जाता है, क्योंकि यहाँ सिंचाई के लिए नलकूपों और नहरों का सुदृढ़ जाल उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के प्राचीन एवं आधुनिक अनुबंधन सिद्धांतों' के संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत 'अनुबंधन विलोपन' (Extinction), 'सहज पुनrप्राप्ति' (Spontaneous Recovery), और 'उत्तेजना सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत 'आंशिक सुदृढ़ीकरण अनुसूचियाँ' (Partial Reinforcement Schedules जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियाँ) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) के रणनीतिक उपयोग और विद्यार्थियों में वांछित व्यवहार संशोधन व आदत निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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