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UPTET
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भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों को किस देश के संविधान से लिया गया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों का प्रावधान संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के संविधान से लिया गया है। इन्हें संविधान के भाग-III में अनुच्छेद 12 से 35 के बीच रखा गया है।
Related Questions
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) किस आयु वर्ग से संबंधित है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों द्वारा जैवभार के रूप में संचित किया जाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा का ह्रास श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं के दौरान हो जाता है।
2. 'जैव आवर्धन' (Biomagnification) और 'जैविक संचयन' (Bioaccumulation) दोनों एक ही प्रक्रिया को दर्शाते हैं, जिसमें किसी भी पर्यावरण में प्रदूषकों या विषैले पदार्थों (जैसे पारा या डीडीटी) की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक निचले स्तर पर घटती जाती है।
3. वायुमंडल की ओज़ोन परत समताप मंडल (Stratosphere) के ऊपरी हिस्से में पाई जाती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है, और इसकी मोटाई को मापने की इकाई 'डॉब्सन यूनिट' (Dobson Unit) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों और शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉरेन्स कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता (Post-conventional Morality) के स्तर पर व्यक्ति के नैतिक निर्णय पूरी तरह से सामाजिक नियमों, कानूनों और अधिकारिता के पालन पर आधारित होते हैं, न कि सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों पर।
2. लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो किसी बालक के स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान करने के स्तर और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी साथी (More Knowledgeable Other) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने के स्तर के बीच होता है।
3. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बालक में पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) के दौरान ही पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
4. हावर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अनुसार, बुद्धिमत्ता कोई एक एकल सामान्य कारक नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र प्रकार की कई बुद्धियों का एक समुच्चय है, जिसमें संगीत, तार्किक-गणितीय, स्थानिक और अंतःवैयक्तिक बुद्धिमत्ता शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि और इसका मापन' (Intelligence and its Measurement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: जिसमें भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतिक, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतराप्यैक्तिक, अंतरा-वैयक्तिक और प्रकृतिवादी बुद्धि शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Occipito-Temporal Cortex), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच डोमेन-विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क सक्रियण, मॉड्यूलर प्रसंस्करण, और स्वतंत्र संज्ञानात्मक क्षमताओं की गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रिचापीय बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी प्रतिभाओं (Multidimensional Talents), व्यक्तिगत शिक्षण शैलियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशेष आवश्यकता वाले बालक और जेंडर संवेदनशीलता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग के 'जेंडर स्कीमा सिद्धांत' और सैंड्रा बेम (Sandra Bem) द्वारा प्रतिपादित 'जेंडर स्कीमा थ्योरी' (Gender Schema Theory) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'टेम्पोपैरिएटल जंक्शन' (TPJ) और 'अमिगडाला' के बीच सांस्कृतिक रूढ़ियों का आंतरिककरण, सामाजिक-संवेगात्मक श्रेणीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, जेंडर-समावेशी समतावादी शिक्षाशास्त्र (Gender-Inclusive Egalitarian Pedagogy) और विद्यार्थियों में पूर्वाग्रह-मुक्त सोच, तार्किक समता व समग्र सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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