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उत्तर प्रदेश में 'लाट भैरव उत्सव' का आयोजन किस जनपद में किया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में प्रसिद्ध 'लाट भैरव उत्सव' का आयोजन किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, संरक्षित क्षेत्रों और राष्ट्रीय उद्यानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर फैला हुआ है, जिसे 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और 1987-88 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत शामिल किया गया।
2. 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' (Pilibhet Tiger Reserve) को वर्ष 2020 में वैश्विक पुरस्कार 'TX2' से सम्मानित किया गया था, क्योंकि इस अभयारण्य ने पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या को दोगुना कर दिया था।
3. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित 'बखिरा पक्षी विहार' (Bakhira Bird Sanctuary) राज्य का सबसे बड़ा प्राकृतिक आर्द्रभूमि (Wetland) पक्षी विहार है, जिसे रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और कृषि अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण के पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली लाल और पैंडुआ (Pandua) मृदा जलधारण क्षमता में अत्यधिक उच्च होती है, जिसके कारण इस क्षेत्र में बिना किसी सिंचाई सुविधा के वर्ष भर धान की सघन कृषि की जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़' मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जो बाढ़ के मैदानों में प्रतिवर्ष नई परतों के रूप में जमा होती है और इसकी उर्वरता बहुत अधिक होती है।
3. उत्तर प्रदेश के भाबर और तराई क्षेत्रों में नदियाँ बड़े-बड़े पत्कथरी पत्थरों और कंकड़ों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं (भाबर क्षेत्र), जबकि तराई क्षेत्र में वही जल पुनः धरातल पर प्रकट होकर दलदली और नम भूमि का निर्माण करता है, जो गन्ने और धान के उत्पादन के लिए अत्यधिक अनुकूल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में प्राचीन 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में उल्लिखित 16 महाजनपदों में से 'चेदि महाजनपद' वर्तमान उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर जैसे बुंदेलखंडीय जिलों के क्षेत्रों में विस्तृत था और इसकी राजधानी 'शक्तिमती' थी।
2. प्राचीन 'कोशल महाजनपद' को दो भागों में विभाजित करने वाली मुख्य नदी 'सयू (घाघरा)' थी, तथा इसकी उत्तरी शाखा की राजधानी 'श्रावस्ती' एवं दक्षिणी शाखा की राजधानी 'साकेत (अयोध्या)' थी।
3. प्राचीन 'मल्ल महाजनपद' की दो राजधानियाँ थीं- 'कुशीनगर' (जहाँ भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ) और 'पावा' (जहाँ महावीर स्वामी को निर्वाण प्राप्त हुआ था)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध 'ठठरी मेला' या 'लठमार होली' मुख्य रूप से कहाँ खेली जाती है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के उपरांत 'उपनयन संस्कार' तथा उत्तर-वैदिककालीन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपनयन संस्कार के माध्यम से बालक को 'द्विज' की संज्ञा मिलती थी, जिसमें विभिन्न वर्णों के बालकों के लिए आयु निर्धारित थी—जैसे ब्राह्मण बालक के लिए 8 वर्ष, क्षत्रिय के लिए 11 वर्ष और वैश्य के लिए 12 वर्ष की आयु में यह संस्कार संपन्न होता था।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहला 'सद्योवधू' जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वेदों का अध्ययन करती थीं, और दूसरा 'ब्रह्मवादिनी' जो विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र का 'समावर्तन' (Samavartana) संस्कार संपन्न होता था, जिसके पश्चात वह 'स्नातक' की उपाधि प्राप्त कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर वापस लौटता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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