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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर से संबंधित है?

Detailed Explanation

कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Nice Girl) अभिविन्यास पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आता है, जिसमें व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं और अनुमोदनों के अनुसार नैतिक निर्णय लेता है।
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→ बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना सिद्धांत' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे सटीक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और संज्ञानात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (STS), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) के बीच सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation), संज्ञानात्मक स्केफोल्डिंग (Scaffolding), और अंतर्सैद्धांतिक न्यूरल समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'शैक्षणिक मचान' (Instructional Scaffolding) अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सोशियो-कॉग्निटिव कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Socio-Cognitive Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं, सहयोगात्मक समस्या-समाधान कौशल व समग्र सांस्कृतिक-संज्ञानात्मक आंतरिककरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पाई डण्डा' नृत्य बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से अहीर समुदाय के लोगों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव या अन्य विशेष अवसरों पर लाठी और डंडों के साथ युद्ध कला के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। 2. 'सैरा' (या सेर्रा) नृत्य भी बुंदेलखंड क्षेत्र से संबंधित है, जिसे फसल कटाई के समय किसानों द्वारा हर्षोल्लास के साथ हाथों में फसलें लेकर गाया और नचाया जाता है। 3. 'बटखुआ' और 'ख्याल' उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र के प्रसिद्ध लोक नृत्य हैं, जो मुख्य रूप से संतान प्राप्ति के अवसर पर पुत्र के जन्म पर आयोजित किए जाते हैं। 4. प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित किया जाने वाला एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो मुख्य रूप से ऊँटों के क्रय-विक्रय के लिए जाना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश में 'ताजमहल' किस नदी के तट पर स्थित है? → उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और राज्य के दक्षिण के पठारी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी, उपजाऊ तथा अधिक नमी धारण करने वाली काली मिट्टी के समान होती हैं। 2. उत्तर प्रदेश में 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) अपनी उच्च आर्द्रता और उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के कारण विशेष रूप से धान और गन्ने की सघन खेती के लिए जाना जाता है, जबकि इस क्षेत्र में धान की खेती के साथ-साथ उच्च जल स्तर के कारण कुछ भागों में जलीय वनस्पति और लंबे घास के मैदान भी पाए जाते हैं। 3. राज्य में 'अमरोहा', 'संभल' और 'बदायूं' जिलों को मुख्य रूप से 'मेंथा ऑयल' के उत्पादन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त है, और भारत के कुल मेंथा तेल उत्पादन का लगभग 80% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से ही प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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