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History of India
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पुर्तगाली यात्री "डोमिंगो पायस" और "बारबोसा" किसके शासनकाल में विजयनगर आए थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ये यात्री कृष्णदेव राय के शासनकाल के दौरान भारत आए थे।
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बीदर के "बरीदशाही वंश" का संस्थापक किसे माना जाता है?
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 11 मई 1857 को मेरठ से आए विद्रोही सैनिकों ने दिल्ली पहुँचकर मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया, यद्यपि सम्राट इस समय अत्यधिक वृद्धावस्था और अनिच्छा के कारण नेतृत्व संभालने के पक्ष में नहीं थे।
2. दिल्ली में विद्रोह का वास्तविक सैन्य नेतृत्व और कमान 'बख्त खान' के हाथों में थी, जो बरेली से आए सैनिकों के एक दस्ते का नेतृत्व करते हुए दिल्ली पहुँचे थे और जिन्हें सम्राट ने 'साहेब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की थी।
3. सितंबर 1857 में ब्रिटिश सेनापतियों जॉन निकोलसन और हडसन के नेतृत्व में दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया गया, जिसके पश्चात बहादुर शाह जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया गया था जहाँ वर्ष 1862 में उनका निधन हुआ।
4. दिल्ली के पतन के उपरांत ब्रिटिश अधिकारी हडसन ने राजकुमारों (मिर्जा मुगल, खिज्र सुल्तान और अबू बकर) को बिना किसी मुकदमे के दिल्ली के गेट के सामने सरेआम गोली से उड़ा दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल काल में किसके शासनकाल को "चित्रकला का स्वर्ण युग" कहा जाता है?
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की परिपक्व अवस्था और उसकी विशिष्ट नगरीय विशेषताओं, शिल्प उत्पादन तथा बाह्य व्यापार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चन्हूदड़ो एक ऐसा एकमात्र हड़प्पाकालीन स्थल था जहाँ से किसी भी प्रकार का गढ़ (Citadel) नहीं मिला है, और यह स्थल विशेष रूप से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factory), शंख की कटाई और कांसे की मुहरों के उत्पादन का प्रमुख औद्योगिक केंद्र था।
2. लोथल में खोजा गया विशाल ईंटों का संरचनात्मक ढांचा, जिसे 'गोदीवाड़ा' (Dockyard) या जहाजी गोदाम कहा जाता है, भोगवा नदी के तट पर स्थित था और इसका उपयोग फारस की खाड़ी तथा मेसोपोटामिया के साथ समुद्री व्यापार के लिए किया जाता था।
3. हड़प्पा सभ्यता के मुहरों पर सबसे अधिक बार 'एकसिंगी बैल' (Unicorn) का अंकन मिलता है, किंतु इस सभ्यता के किसी भी स्थल से मंदिर या किसी स्पष्ट धार्मिक पूजा-गृह के अवशेष प्राप्त नहीं हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि यहाँ पुरोहित वर्ग का शासन नहीं बल्कि व्यापारिक या वणिक वर्ग का प्रभाव था।
4. सुरकोटड़ा से घोड़े के अवशेष (हड्डियाँ) मिलने के कारण यह प्रमाणित होता है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों को घोड़े का पूर्ण ज्ञान था और वे घोड़ों का व्यापक रूप से सैन्य व कृषि कार्यों में उपयोग करते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के पल्लव, चालुक्य एवं चोल राजवंशों के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के कन्नौज सभा के दौरान महायान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार को प्रमुखता दी गई थी, तथा ह्वेनसांग ने इस बात का उल्लेख किया है कि इस सभा की अध्यक्षता स्वयं हर्षवर्धन ने की थी और इसमें विभिन्न संप्रदायों के विद्वानों ने भाग लिया था।
2. पल्लव शासक महेन्द्रवर्मन प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बावजूद संत अप्पर (थिरुनुनावुक्करासर) के प्रभाव में आकर शैव धर्म स्वीकार किया था, तथा उसने त्रिचिरापल्ली और महाबलीपुरम में कई प्रसिद्ध चट्टानों को काटकर मंदिर (रैंक-कट टेम्पल) बनवाए।
3. चालुक्य सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक विजय का विस्तृत विवरण कांचीपुरम के मुक्तेश्वर मंदिर के अभिलेख में मिलता है, जिसे रविचर्ति द्वारा रचित किया गया था।
4. तंजावुर के प्रसिद्ध राजराजेश्वर (बृहदेश्वर) मंदिर का निर्माण राजराज चोल प्रथम के शासनकाल में हुआ था, जो द्रविड़ वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है और इसके शिखर पर स्थित विशाल कलश को एक ही पाषाण खंड को तराशकर बनाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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