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History of India
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बहमनी साम्राज्य के पतन के बाद कितने स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ?

Detailed Explanation

बहमनी साम्राज्य के विघटन से पाँच स्वतंत्र राज्य बने थे।
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→ प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के राजवंशों की प्रशासनिक, कलात्मक और सैन्य उपलब्धियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान कन्नौज की सभा में महायान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार और चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था, जिसमें बीस विभिन्न देशों के राजाओं ने भाग लिया था। 2. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) ने चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित कर 'वातापिकोंड' की उपाधि धारण की थी और महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म रथ मंदिरों (एकात्म रथ) का निर्माण कार्य उसी के काल में आरंभ हुआ था। 3. चालुक्य वंश के प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका विस्तृत और प्रामाणिक विवरण संस्कृत में रचित 'ऐहोल शिलालेख' में मिलता है जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी। 4. चोल सम्राट राजराजा प्रथम ने श्रीलंका (सीलोन) पर आक्रमण कर उसके उत्तरी भाग को अपने साम्राज्य में मिला लिया था और वहाँ के विजित क्षेत्रों में चोल प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करते हुए अनुराधापुर शहर को अपनी नई राजधानी बनाया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → अलाउद्दीन खिलजी का मकबरा कहाँ स्थित है? → सिंधु घाटी सभ्यता की सामाजिक-आर्थिक संरचना और पुरातात्विक साक्ष्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चान्हूदरो एकमात्र ऐसा हड़प्पाकालीन स्थल है जहाँ से किसी भी प्रकार के दुर्ग (Citadel) के अवशेष नहीं मिले हैं, और यह स्थल विशेष रूप से मनके बनाने, शंख की कटाई और मुहर निर्माण जैसे शिल्प उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र था। 2. लोथल से प्राप्त गोदीबाड़ा (Dockyard) के साक्ष्य से यह सिद्ध होता है कि हड़प्पावासी फारसी खाड़ी और मेसोपोटामिया के साथ समुद्री व्यापार करते थे, तथा यहाँ से मिले चावल के भूसी (Rice husk) के अवशेष भारत में धान की खेती के सबसे शुरुआती प्रमाणों में से एक हैं। 3. बनावली से प्राप्त मिट्टी का बना हल (Terracotta Plough) और कालीबंगा से मिले जुते हुए खेतों (Ploughed fields) के साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि सिंधु सभ्यता के लोग कृषि के लिए लकड़ी और पकी हुई मिट्टी के हलों के साथ-साथ उन्नत सिंचाई तकनीकों से भी परिचित थे। 4. हड़प्पा सभ्यता की लिपि 'चित्रात्मक' (Pictographic) है, जिसे अभी तक पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है, और यह लिपि सामान्यतः दाईं से बाईं ओर (Right to Left) लिखी जाती थी जिसे 'बौस्ट्रोफेडन' (Boustrophedon) शैली भी कहा जाता है जब यह एक पंक्ति दाईं से बाईं और अगली पंक्ति बाएं से दाईं ओर लिखी जाती थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ किए गए स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, तथा इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'बहिष्कार प्रस्ताव' पारित किया गया था। 2. 16 अक्टूबर 1905 को जिस दिन बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, गंगा स्नान किया और 'अहमद यार खान' द्वारा रचित प्रसिद्ध गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाते हुए सड़कों पर मार्च किया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों पर विशेष बल दिया गया, जिसके तहत आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' की स्थापना की और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नवंबर 1905 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) का गठन किया गया। 4. कांग्रेस के वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, में पहली बार औपचारिक रूप से पूरे देश में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का विस्तार करने का प्रस्ताव पारित किया गया, यद्यपि नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच आंदोलन के तरीकों को लेकर मतभेद स्पष्ट होने लगे थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक, धार्मिक और वास्तुशिल्प विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर के शासनकाल में स्थापित 'मदद-इ-माश' (या सयूरगल) व्यवस्था के तहत विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों और जरूरतमंदों को कर-मुक्त भूमि अनुदान दी जाती थी, और औरंगजेब के काल में इस नीति को और अधिक उदार बनाते हुए वंशानुगत अधिकारों को पूरी तरह स्थायी कर दिया गया था। 2. जहाँगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला ने अपने चरमोत्कर्ष को छुआ, जहाँ प्राकृतिक चित्रण, पशु-पक्षियों के सजीव अंकन (विशेषकर उस्ताद मंसूर द्वारा) और चित्रों पर कलाकारों के हस्ताक्षर करने की परंपरा को विशेष प्रोत्साहन मिला। 3. शाहजहां के स्थापत्य काल में संगमरमर के प्रयोग के साथ-साथ 'पित्रा-दुरा' (Pietra Dura) यानी संगमरमर या बलुआ पत्थर पर बहुमूल्य रत्नों की जड़ाई की कला का अत्यधिक परिष्कृत रूप में विकास हुआ, जिसका सुंदर उदाहरण ताज महल और आगरा किले का दीवान-ए-आम है। 4. औरंगजेब ने अपने कट्टर धार्मिक दृष्टिकोण के चलते संगीत पर सार्वजनिक प्रतिबंध लगा दिया था, शाही दरबार में 'झरका दर्शन' और 'तुलादान' जैसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया तथा इतिहास लेखन को हतोत्साहित करने के लिए सरकारी स्तर पर 'आलमगीरनामा' के लेखक मोहम्मद कासिम को छोड़कर अन्य सभी इतिहासकारों के लिखने पर रोक लगा दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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