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History of India
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फारसी राजदूत "अब्दुल रज्जाक" किसके शासनकाल में विजयनगर आया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्दुल रज्जाक देवराय द्वितीय के दरबार में आया था।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेना में पुरानी 'ब्राउन बैस' बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड' राइफल (Enfield Rifle) को शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें प्रयोग होने वाले कारतूस के आवरण को लोड करने से पहले दांत से काटना पड़ता था और यह अफवाह फैल गई थी कि उस आवरण में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है।
2. जनवरी 1857 में दमदम (Dum Dum) छावनी में तैनात एक भारतीय सिपाही ने सबसे पहले चर्बी वाले कारतूस के प्रयोग के खिलाफ आवाज उठाई और इसके विरोध में ब्रिटिश अधिकारियों पर गोली चला दी थी।
3. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए ब्रिटिश एडजुटेंट लेफ्टिनेंट ह्यू बॉग और सार्जेंट मेजर ह्यूसन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई थी।
4. मंगल पांडे द्वारा विद्रोह की शुरुआत करने और फांसी दिए जाने की घटना के तुरंत बाद, बैरकपुर की पूरी छावनी ने एकजुट होकर अंग्रेजों के विरुद्ध खुलेआम सशस्त्र विद्रोह का ऐलान कर दिया था और दिल्ली की ओर कूच कर गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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किस मुगल शासक को "जिंदा पीर" (Living Saint) कहा जाता था?
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947 योजना) के तहत ब्रिटिश भारत के विभाजन का प्रस्ताव रखा गया था, जिसके अंतर्गत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में यह निर्णय लिया जाना था कि क्या इन प्रांतों का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) के प्रावधानों के अनुसार 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominions) की स्थापना की गई, जिन्हें ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से अलग होने का पूर्ण अधिकार दिया गया था।
3. पंजाब और बंगाल में सीमाओं के निर्धारण के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के ठीक पूर्व अपनी अंतिम सीमा रेखा की रिपोर्ट प्रकाशित कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन के संदर्भ में लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा प्रस्तुत '3 जून योजना' (माउंटबेटन योजना, 1947) और उसके क्रियान्वयन के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों का यह प्रावधान किया गया था कि दोनों प्रांतों के हिन्दू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्य अलग-अलग बैठक करके यह निर्णय लेंगे कि प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Plebiscite) का प्रावधान किया गया था।
3. योजना के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान के बीच शक्तियों के हस्तांतरण तथा सीमाओं के निर्धारण के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (पंजाब और बंगाल के लिए) का गठन किया गया था, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से पहले ही अपनी सीमा रिपोर्ट सौंप दी थी।
4. ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 में यह स्पष्ट किया गया था कि 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित कर दिया जाएगा और ब्रिटिश राजमुकुट का भारतीय रियाسतों पर सर्वोच्च अधिकार समाप्त हो जाएगा, जिससे रियासतों को यह छूट मिल गई कि वे भारत या पाकिस्तान में शामिल हों अथवा स्वतंत्र रहें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उससे जुड़े सैन्य एवं रणनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा पेशवा बाजीराव द्वितीय के उत्तराधिकारी के रूप में अंग्रेजों के पेंशन संबंधी दावों को अस्वीकार करते हुए ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया।
2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार थे, ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर नाना साहब की पेंशन के मामले की पैरवी की थी और क्रीमिया युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैन्य कमजोरियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर भारतीय विद्रोह की योजना को वैचारिक आधार दिया था।
3. कानपुर में ब्रिटिश समर्पण के पश्चात जनरल नील द्वारा भारतीय नागरिकों और विद्रोहियों पर ढाए गए अमानवीय अत्याचारों के प्रतिकार के रूप में 'बीबीघर नरसंहार' की घटना घटी, जिसके उपरांत तात्या टोपे ने कानपुर की रक्षा में असफल होने पर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ग्वालियर और कालपी के मोर्चे पर ब्रिटिश सेना के खिलाफ अत्यंत कुशल गोरिल्ला युद्ध का संचालन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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